उत्तर प्रदेश में भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि मंत्री, विधायक, सांसद व जिम्मेदार पदों पर बैठे पदाधिकारी व अन्य लोग अपना आचरण संयमित और मर्यादित रखें।  मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक की तरह अधिकारियों पर बल्ला चलाने की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में सभी 12 सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चलें। कहा कि रिश्तेदारों को उपचुनाव में किसी भी कीमत पर टिकट नहीं देंगे। कहा कि सपा-बसपा गठबंधन से टूटने से अब सभी सीटों पर जीत की स्थितियां अनुकूल हो गई हैं। इन स्थितियों में प्रदेश में अब 2022 में दोबारा भाजपा सरकार भी आएगी। 
 
भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार भाजपा मुख्यालय में नड्डा शनिवार को अपने स्वागत कार्यक्रम के बाद भाजपा के प्रदेश व क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उनके मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल और दोनों उपमुख्यमंत्री भी थे। लोकसभा चुनाव में प्रदेश चुनाव प्रभारी होने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश ने खासा अनुभव दिया है। प्रदेश में पार्टी का संगठन काफी मजबूत है। इसी वजह से सपा-बसपा गठबंधन होने के बावजूद हमें 80 में से 64 सीटें मिलीं। 

बजट 2019: PM मोदी की इन आठ योजनाओं से बदलेगी तस्वीर

उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री की योजनाओं को लाभ अधिसंख्य लोगों को मिला है। ऐसे में लोग भाजपा का सदस्य बनने के लिए आतुर हैं।  बैठक में उन्होंने सदस्यता अभियान में दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी कहा। प्रदेश में एक करोड़ 80 लाख सदस्यों का 20 फीसदी यानि 36 लाख सदस्य बनाने हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को वाराणसी से सदस्यता अभियान का शुभारम्भ कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सक्रिय सदस्य और सांगठानिक चुनाव के बारे में चर्चा की। 

रिश्तेदारों को किसी भी सूरत में टिकट न दें
इसके बाद कोर कमेटी की बैठक में जे.पी.नड्डा ने साफ कहा कि विधायक से सांसद बनने वाले परिजनों को किसी सूरत में टिकट न दिए जाएं। केवल जिताऊ उम्मीदवार को ही मैदान में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन मंत्रियों और पदाधिकारियों को उपचुनाव की 12 सीटों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है, वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में कोई कोताही न करें। सरकार के ‘बड़ों’ को यह सुनिश्चत करना चाहिए। नड्डा ने कहा कि  प्रत्याशियों के चयन पर उनकी भी नजर रहेगी। 

बजट विश्लेषण: रेवड़ियां बांटने का नहीं अब अर्थव्यवस्था की मजबूती का समय

बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा भी हुई। सांसद बन गए मंत्रियों और सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर की बर्खास्तगी से खाली हुए मंत्री पदों को शीघ्र भरने की पर सहमति बनी। इसके लिए जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। कुछ मंत्रियों को हटा कर उन्हें संगठन के काम में लगाने के साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष के बारे में भी चर्चा हुई।