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बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं पी वी सिंधु ने इस खिताब को अपनी मां के साथ-साथ हर भारतीय को समर्पित किया है। ओलम्पिक रजत पदक विजेता सिंधु ने रविवार को बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीत लिया। सिंधु ने इस जीत के बाद न्यूज एजेंसी आईएएनस से बातचीत में कहा, ‘आज मेरी मां का जन्मदिन है और यह स्वर्ण पदक उन्हें समर्पित है। इसके अलावा यह खिताब हर भारतीय को समर्पित है। अब मैं इस पदक का जश्न बहुत अच्छे तरीके से मनाऊंगी क्योंकि मुझे इस पदक का लंबे समय से इंतजार था।’ इस जीत के साथ ही पीवी सिंधु विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। 

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वह इससे पहले बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में वर्ष 2017 और 2018 में रजत तथा 2013 व 2014 में कांस्य पदक जीत चुकीं हैं और उनके पांच पदक हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘हर भारतीय को इस जीत की तलाश थी, खासकर रियो ओलम्पिक में रजत पदक जीतने के बाद से सभी भारतीयों की मुझसे काफी उम्मीदें बढ़ गई थी। इसके बाद से जब भी मैं टूनार्मेंट में खेलने जाती थी, लोग मुझसे पदक की उम्मीद लगाए बैठे रहते थे।’ भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘इसलिए मुझे लगता है कि यह जीत मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि स्वर्ण जीतने वाली मैं पहली महिला खिलाड़ी बनी हूं। इसके लिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं क्योंकि उनके समर्थन के बिना यह आसान नहीं था।निश्चित रूप से यह मेरे लिए बहुत खुशी का समय है। मेरे लिए यह जीत बहुत जरूरी थी। दो कांस्य और दो रजत पदक के बाद आखिरकार मैं स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इसकी मुझे बहुत लंबे समय से उम्मीद थी।’

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