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Sunday, October 25, 2020

रामलीला में हिस्सा लेते हुए भी नेतागिरी क्यों नहीं भूल पाते मनोज तिवारी

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रामलीला में हिस्सा लेते हुए भी नेतागिरी क्यों नहीं भूल पाते मनोज तिवारी

हर साल नवरात्र के दौरान देशभर में रामलीला का आयोजन होता है. इन आयोजनों में तमाम नेता, समाज के प्रमुख लोग और जानी-मानी हस्तियां हिस्सा लेती हैं. इसी तरह एक रामलीला में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हिस्सा लेते हैं. आस्था से जुड़े इस कार्यक्रम को राजनीतिक आखाड़ा बना देते हैं और रामलीला का इस्तेमाल अपने विरोधियों पर निशाना साधने से लेकर राजनीतिक लाभ लेने के लिए भी करते हैं.

राम मंदिर से लेकर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अगर रामलीला के नाम पर राजनीति करते हैं तो क्या इसे भगवान राम और रामलीला का अपमान नहीं माना जाएगा? इन रामलीलाओं में देश के तमाम नेता हिस्सा लेते हैं लेकिन हर बार मनोज तिवारी का ही नाम विवादों में क्यों आता है?

दरअसल, दिल्ली बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी मंगलवार रात को लाल किले की मशहूर रामलीला में अंगद का किरदार निभाते हुए नजर आए. इस दौरान रावण के दरबार में संवाद के दौरान उन्होंने सीलिंग के मुद्दे पर चर्चा की. एक सीन में रावण जब राम की ताकत को चुनौती देता है, तो अंगद बने मनोज तिवारी रावण को जवाब देते हुए कहते हैं, मेरे राम की ताकत का तुम अंदाजा नहीं लगा सकते. एक बात कान खोलकर सुन लो रावण, तुम्हारे अन्याय और अभिमान का सारी सीलिंग टूट जाएंगी, सारे विश्व में तुम्हारे अधर्म की सीलिंग टूटेगी.

अरविंद केजरीवाल पर भी साधा निशाना

मनोज तिवारी इतने पर ही नहीं रुके. रामलीला में जैसे-जैसे रावण-अंगद संवाद आगे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे तिवारी राजनीतिक बयान और विरोधियों पर निशाना साध रहे थे. एक अन्य सीन में जब रावण को चुनौती देते हुए अंगद कहते हैं, तुम लोगों में इतना दम है तो भगवान राम के इस दूत का पैर यहां हटाकर दिखाओ. इस पर जब पीछे वाला पैर पकड़ने जाता है तो वह कहते हैं, अरे, ये वाला नहीं, ये वाला, इधर आ, अरविंद केजरीवाल जैसा काम मत कर.

मनोज तिवारी हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एमसीडी द्वारा लगाई गई सीलिंग तोड़कर काफी चर्चा में रहे थे. यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. तिवारी अभी भी इस केस में कोर्ट का सामना कर रहे हैं. लेकिन रामलीला में भी उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति करने की अपनी जिद को नहीं छोड़ी.

ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है जब मनोज तिवारी ने रामलीला को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया हो. साल 2016 की रामलीला में मनोज तिवारी ने अंगद का किरदार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था, हनुमान जी ने रावण की लंका पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

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