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Covid 3rd wave :देश में फिर 3 दिनों से बढ़ रहे कोरोना के नए मामले

कोरोना के आंकड़े (Corona Cases) एक बार फिर रफ्तार पकड़ते नजर आ रहे हैं. अगले महीने यानी अगस्त में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है. लेकिन उससे पहले दूसरी लहर भी जाते-जाते फिर से कहर बरपा सकती है क्योंकि डेली न्यू केस के जो आंकड़े लगातार गिरते हुए नजर आ रहे थे बीते तीन दिन से वो लगातार बढ़ते जा रहे हैं. बीते दिनों डेली न्यू केस के आंकड़ों में करीब 34 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है.

ये फिक्र इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि बुधवार को देश में 45 हज़ार 701 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इस दौरान 44 हज़ार 529 लोग रिकवर यानी ठीक हुए. मतलब जितने नए मरीज मिले, उससे कम लोग ठीक हुए और ऐसा 56 दिन बाद हुआ है. इससे पहले ठीक होने वालों से ज्यादा नए केस 12 मई को मिले थे.

इसके बाद से लगातार जितने नए मरीज मिल रहे थे, उससे ज्यादा मरीज ठीक हो रहे थे, जिसकी वजह से एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही थी. लेकिन 56 दिन बाद एक्टिव केस भी बढ़ने शुरू हो गए हैं. हालांकि अभी संख्या कम है और अगर लोग मास्क लगाते रहें, वैक्सीन लगवाएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, तो हालात बेकाबू होने से पहले ही संभल सकते हैं. लेकिन बहुत सारे लोग हैं, जो ऐसा नहीं कर रहे हैं और आगे भी शायद करने के लिए राजी नहीं हैं.

कहते हैं ना कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी और वही हो रहा है. भीड़ कोरोना संक्रमण की कड़ी को मजबूत करेगी. लेकिन ये सब कुछ जानते हुए भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं और कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा घातक होने की आशंका को प्रबल कर रहे हैं.

पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ और लापरवाही के ऐसे कई वीडियो आप सोशल मीडिया पर देख चुके होंगे. लेकिन उसी सोशल मीडिया पर वायरल एक और वीडियो हैं. जो मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को तिलांजलि दे चुके लोगों को जरूर देखना चाहिए. इस वीडियो में एक छोटा सा बच्चा लापरवाह लोगों को मास्क की अहमियत और जरूरत समझाता दिख रहा है.

कोरोना वायरस से खुद को अपने परिवार को और देश को बचाने के लिए सबसे जरूरी है मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना. जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाना क्योंकि एक ओर दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. तो दूसरी ओर अगले महीने यानी अगस्त में तीसरी लहर आने की आशंका प्रबल हो गई है और इस फिक्र को केरल ने और बढा दिया है.

क्या तीसरी लहर को फिर से दिया जा रहा आमंत्रण:

कोरोना वायरस से खुद को अपने परिवार को और देश को बचाने के लिए सबसे जरूरी है मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना. जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाना क्योंकि एक ओर दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. तो दूसरी ओर अगले महीने यानी अगस्त में तीसरी लहर आने की आशंका प्रबल हो गई है और इस फिक्र को केरल ने और बढा दिया है.

बुधवार को केरल में 15 हज़ार 600 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके साथ ही वहां 29 दिनों का रिकॉर्ड टूट गया. 29 दिनों बाद केरल में कोरोना के इतने ज्यादा नए केस मिले हैं. इससे देश की चिंता बढ़ गई है. क्योंकि बुधवार को जितने केस पूरे देश में मिले, उसके करीब एक तिहाई मामले अकेले केरल से ही रिपोर्ट हुए. इसलिए तीसरी लहर की आहट के बीच केरल में रफ्तार पकड़ते संक्रमण ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.

चिंता की वजह सिर्फ नए केस बढ़ना ही नहीं है, बल्कि एक्टिव केस में भी इजाफा होना है. पूरे देश में इस वक्त एक्टिव केस के मामले में महाराष्ट्र और केरल टॉप पर हैं. सिर्फ इन दो राज्यों में ही 22 लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं. टॉप-10 राज्यों में नॉर्थ ईस्ट के राज्य असम और मणिपुर भी शामिल हैं.

नॉर्थ ईस्ट में भी कोरोना के फ्रंट पर चुनौती बढ़ती जा रही है क्योंकि देश के 73 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ऊपर है और इनमें से 45 जिले सिर्फ नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से हैं.

इस चिंता और चुनौती से निपटने के लिए बुधवार को एक और अहम मीटिंग हुई जिसमें नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के हालात की समीक्षा की गई और हालात पर काबू पाने के लिए सुझाव दिए गए. केंद्रीय गृह सचिव ने नॉर्थ ईस्ट के राज्यों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों में महामारी के हालात की समीक्षा की.

नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में जिला और शहर स्तर पर हालात की सख्त निगरानी करने और समय रहते उचित कदम उठाने की सलाह दी गयी है. संक्रमण से निपटने के लिए अस्पताल में बेड, एम्बुलेंस, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा की गई और इसके अलावा टीकाकरण अभियान को और तेज करने की सिफारिश की गई.

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