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कोविड से अनाथ हुए ढाई हजार बच्चों को दी गई मदद, प्रतिमाह चार हजार रुपये के अलावा टैबलेट व लैपटाप भी देने का प्रावधन

भदोही। कोविड-19 महामारी का प्रकोप ने पूरे विश्व की जनसंख्या को प्रभावित किया है।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर बड़ी तेजी से फैली और काफी लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। यूपी भी इससे अछूता नहीं रहा। इससे कई बच्चे अनाथ हो गए। ऐसे ही बच्चों की देखभाल व भविष्य के लिए सीएम योगी आदित्यनाथने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना लागू की है। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के ऐसे सभी बच्चे, जिनके कमाऊ माता पिता या दोनों की कोविड-19 महामारी के संक्रमण से मृत्यु हो गई है, जिन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हों अथवा होने के बाद भी उन्हें अपनाना न चाहे, या अपनाने में सक्षम न हो, ऐसे बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। बताया कि अब तक पात्र पाए गए ऐसे ढाई हजार बच्चों को उक्त योजना के तहत मदद की जा चुकी है।

  1. प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों की जानकारी एकत्रित करा रही है। इस योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को लाभ मिलेगा। इसका लाभ एक मार्च 2020 के बाद के उक्त श्रेणियों में आने वाले बच्चों को ही योजना का लाभ दिया जायेगा। इस योजना के तहत देय लाभ की श्रेणियों के 0 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रतिमाह की धनराशि देय होगी। बशर्ते औपचारिक शिक्षा के लिए बच्चों का पंजीयन किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कराया गया हो। इसके अतिरिक्त ऐसे बच्चेए जो पूर्णतया अनाथ हो गये हों एवं बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के अन्तर्गत संचालित बाल्य देखभाल संस्थाओं में आवासित कराये गये होंए उनको कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों तथा बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित कराया जायेगा।

11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की कक्षा.12 तक की निशुल्क शिक्षा के लिए बालकों को अटल अवासीय विद्यालयों तथा बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जायेगा तथा विद्यालयों की 03 महीने की अवकाश अवधि हेतु बच्चे की देखभाल के लिए प्रतिमाह चार हजार रुपये दर से कुल 12000 रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष वैध संरक्षक के बैंक खाते में दी जाएगी। प्रदेश सरकार अनाथ हुई ऐसी सभी बालिकाओं की शादी के लिए एक लाखए एक हजार रुपये भी उपलब्ध करायेगी। इसके अलावा कक्षा नौ या इससे ऊपर की कक्षाओं में व्यावसायिक शिक्षा ग्रहणकर रहे बच्चों को टैबलेट या फिर लैपटाप भी दिया जाएगा।

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