Global Statistics

All countries
198,905,983
Confirmed
Updated on August 1, 2021 8:15 pm
All countries
177,806,070
Recovered
Updated on August 1, 2021 8:15 pm
All countries
4,238,566
Deaths
Updated on August 1, 2021 8:15 pm

Global Statistics

All countries
198,905,983
Confirmed
Updated on August 1, 2021 8:15 pm
All countries
177,806,070
Recovered
Updated on August 1, 2021 8:15 pm
All countries
4,238,566
Deaths
Updated on August 1, 2021 8:15 pm

भारत की कोवैक्सिन डेल्टा और अल्फ़ा जैसे वैरिएंट्स पर काफी असरदार

भारत बायोटेक की कोवैक्सिन कोरोना वायरस के अल्फा और डेल्टा पर भी असरदार है. अमेरिका के टॉप हेल्थ रिसर्च संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की स्टडी में यह सामने आया है. NIH ने कोवैक्सिन ले चुके लोगों के ब्लड सीरम पर दो स्टडी की थीं. जिनमें पता चला है कि यह वैक्सीन अल्फा और डेल्टा वैरिएंट को खत्म करने वाली एंडीबॉडीज बनाने में सक्षम है.

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की बनाई गई कोवैक्सीन (Covaxin) कोरोना वायरस के अल्फा और डेल्टा वेरिएंट्स के खिलाफ कारगर है. NIH ने बताया है कि जिन लोगों ने कोवैक्सीन की डोज ली थी, उनके ब्‍लड सीरम की दो स्‍टडी के नतीजे बताते हैं कि वैक्सीन एंटीबॉडी पैदा करती है जो B.1.17 अल्फा और B.1.617 डेल्टा वेरिएंट (सबसे पहले यूके और भारत में पाए गए)  को प्रभावी ढंग से बेअसर कर देती है.

भारत और अन्य जगहों पर अब तक लगभग 2.5 करोड़ लोगों को कोवैक्‍सीन की डोज लग चुकी है. एनआईएच ने कहा है कि कोवैक्सीन के दूसरे फेज के ट्रॉयल के प्रकाशित नतीजे बताते हैं कि ये सुरक्षित और इसके गंभीर साइड इफैक्‍ट नहीं हैं. वहीं, कोवैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रॉयल का डेटा इस साल के अंत में उपलब्ध हो जाएगा.

78 फीसदी कारगर है कोवैक्सीन:

एनआईएच के मुताबिक, कोवैक्‍सीन (Covaxin) के तीसरे फेज के अंतरिम नतीजे बताते हैं कि यह वैक्‍सीन सिम्‍प्‍टोमेकटक बीमारी के खिलाफ 78 फीसदी, गंभीर कोविड10 के खिलाफ 100 फीसदी प्रभावी और एसिम्‍प्‍टोमेंटिक इन्‍फेक्‍सशन के खिलाफ 70 फीसदी कारगर है. कोवैक्सिन की डोज लेने वाले लोगों के ब्लड सीरम की दो स्टडीस से पता चला है कि ये ऐसी एंटीबॉडी बनाता है, जो SARS-CoV-2 के B.1.17 (अल्फा) और B.1.617 (डेल्टा) वेरिएंट को प्रभावी ढंग से बेअसर करता है. वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के के निदेशक एंथनी एस फौसी ने कहा कि एक ग्‍लोबल महामारी को समाप्त करने के लिए ग्‍लोबल रिस्‍पांस की जरूरत है.

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles