महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है।
इस संबंध में राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों और जिला पुलिस इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय हाल ही में नागपुर में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया।
डीजीपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कानून लागू करने वाली पुलिस खुद नियमों का पालन नहीं करेगी, तो आम नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए अब ड्यूटी के दौरान बिना हेलमेट पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग के अध्ययन के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में मृत या गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में 35 से 40 प्रतिशत दोपहिया चालक शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट का सही उपयोग सिर की चोट और मौत के खतरे को काफी कम कर सकता है।
हालांकि, राज्य के कई जिलों में हेलमेट पहनने की आदत अभी भी कमजोर है। मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में जहां 80% से अधिक लोग हेलमेट पहनते हैं, वहीं अन्य जिलों में यह आंकड़ा 20% से भी कम है।
नए आदेश के तहत, यदि कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194(डी) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि किसी पुलिसकर्मी की बिना हेलमेट की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आती है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसकी सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाएगा।
डीजीपी कार्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिया है कि इस आदेश का तुरंत पालन सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें।
यह कदम सड़क सुरक्षा के प्रति एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जब पुलिस खुद नियमों का पालन करेगी, तो आम जनता भी हेलमेट पहनने के प्रति अधिक जागरूक होगी।
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