मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-1 के उत्तरी हिस्से का चरणबद्ध पुनर्विकास जनवरी 2027 से शुरू करने की तैयारी है। इस बदलाव के दौरान यात्रियों को उड़ान के हवाईअड्डे और टर्मिनल की जानकारी टिकट से दोबारा जांचने की सलाह दी गई है।
कितने यात्रियों पर असर पड़ सकता है?
हवाईअड्डा संचालक की 3 अक्टूबर की सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, मुंबई हवाईअड्डे से सालाना करीब 5.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। इनमें से लगभग 50 लाख यात्रियों की उड़ानों पर पुनर्विकास के दौरान अस्थायी असर पड़ सकता है; यह कुल यात्री संख्या का करीब 9 प्रतिशत है। शेष लगभग 91 प्रतिशत यातायात के सामान्य रूप से जारी रहने की योजना बताई गई है।
पहले चरण में टर्मिनल-1B का उत्तरी हिस्सा लिया जाएगा। जिन एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित होंगी, उन्हें अपनी इच्छा से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अस्थायी रूप से परिचालन स्थानांतरित करने का विकल्प दिया गया है। इसका अर्थ सभी उड़ानों का स्थायी स्थानांतरण नहीं है—उड़ान और टर्मिनल की जानकारी संबंधित एयरलाइन ही तय करेगी।
यात्रियों के लिए क्या जरूरी?
मुंबई और नवी मुंबई के हवाईअड्डों के बीच सड़क यात्रा का समय अलग-अलग हो सकता है। इसलिए टिकट बुकिंग के समय और यात्रा से पहले एयरलाइन का संदेश, बोर्डिंग पास और हवाईअड्डे की लाइव उड़ान स्थिति जांचें। नवी मुंबई एयरपोर्ट की यात्री मार्गदर्शिका भी घरेलू उड़ान के लिए समय से पहुंचने और फ्लाइट स्टेटस देखने की सलाह देती है।
पुनर्विकास के बाद टर्मिनल-1 की घोषित सालाना क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ यात्री करने का लक्ष्य है। यह योजना आने वाले वर्षों में मुंबई महानगर क्षेत्र की हवाई यात्रा मांग को संभालने के लिए बनाई गई है।
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