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मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी टेस्ट अनिवार्य? परमिट और डोमिसाइल की जांच शुरू

Marathi language test for auto drivers

Mumbai में ऑटो और टैक्सी चालकों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik के निर्देश पर मीरा रोड और भायंदर क्षेत्र में 12,000 से अधिक चालकों के परमिट और डोमिसाइल प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई की शुरुआत Narendra Mehta की शिकायत के बाद हुई, जिसमें उन्होंने Devendra Fadnavis के सामने बड़े पैमाने पर फर्जी लाइसेंस, बैज और परमिट जारी किए जाने का मुद्दा उठाया था।

मुंबई और इसके उपनगरों में करीब 2.8 लाख ऑटो परमिट और 20,000 टैक्सी परमिट हैं, जिनके तहत लगभग 5 लाख ड्राइवर काम करते हैं। इस विशेष अभियान के तहत चालकों को अपने दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ मराठी भाषा का टेस्ट भी देना होगा, जिसमें उन्हें पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता साबित करनी होगी। यदि कोई चालक इस टेस्ट या दस्तावेज सत्यापन में असफल होता है, तो उसके लाइसेंस और परमिट को निलंबित किया जा सकता है।

यह ड्राइव Maharashtra Day यानी 1 मई तक चलेगी, जिसके बाद इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी और संभव है कि इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य फर्जी डोमिसाइल सर्टिफिकेट, एक ही पते पर कई परमिट जारी होने और नए प्रवासियों को नियमों के खिलाफ जल्दी लाइसेंस मिलने जैसी अनियमितताओं को रोकना है। साथ ही, यात्रियों और चालकों के बीच भाषा को लेकर होने वाले विवादों को भी कम करना इसका एक उद्देश्य है।

हालांकि, इस फैसले का ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि लगभग 70 प्रतिशत चालक उत्तर भारत से हैं और मराठी भाषा की अनिवार्यता से अनावश्यक परेशानी और भ्रष्टाचार बढ़ सकता है। यूनियनों का तर्क है कि यात्रियों से संवाद के लिए सीमित भाषा ज्ञान ही पर्याप्त होता है और पहले से ही नियमों में इसका प्रावधान मौजूद है।

🔍 क्या है पूरा मामला?

  • मुंबई और उपनगरों में करीब 2.8 लाख ऑटो परमिट और 20,000 टैक्सी परमिट हैं
  • कुल मिलाकर लगभग 5 लाख ड्राइवर काम करते हैं
  • मीरा-भायंदर में 12,000 ड्राइवरों की जांच की जा रही है
  • ड्राइवरों को मराठी पढ़ने-लिखने और बोलने का टेस्ट देना होगा
  • फेल होने पर लाइसेंस/परमिट सस्पेंड हो सकता है

📅 कब तक चलेगा अभियान?

यह विशेष ड्राइव Maharashtra Day (1 मई) तक चलेगा। इसके बाद रिपोर्ट पूरे राज्य में लागू की जा सकती है।

⚖️ नियम क्या कहते हैं?

महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स नियम 1989 के तहत ड्राइवरों को स्थानीय भाषा का ज्ञान जरूरी है। 2019 में संशोधन के बाद अब सीधे टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है।

⚠️ क्यों उठाया गया यह कदम?

  • फर्जी डोमिसाइल सर्टिफिकेट
  • एक ही पते पर कई परमिट
  • नए प्रवासियों को जल्दी लाइसेंस
  • यात्रियों से भाषा को लेकर विवाद

🚖 यूनियनों का विरोध

ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि:

  • 70% ड्राइवर उत्तर भारत से हैं
  • मराठी टेस्ट से भ्रष्टाचार और उत्पीड़न बढ़ सकता है
  • केवल बेसिक भाषा ज्ञान पर्याप्त है

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