मुंबई | मेट्रो सिटी समाचार : मुंबई में कुख्यात गैंग के नाम का सहारा लेकर सर्राफ व्यापारी से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस की बोरीवली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को व्यापारी से सोने का सिक्का लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
डीसीपी जोन 12 संदीप जाधव के मुताबिक, 18 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 के बीच आरोपियों ने बोरीवली के एक नामचीन सर्राफ व्यवसायी को इंटरनेशनल नंबर से कॉल और मैसेज कर खुद को “लॉरेंस बिश्नोई गैंग” से जुड़ा बताया। आरोपियों ने 30 लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
लगातार मिल रही धमकियों से व्यापारी और उसका परिवार दहशत में आ गया था। इसके बाद पीड़ित ने बोरीवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
ऐसे बिछाया पुलिस ने जाल
भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। आरोपियों ने रकम बैंक खाते में लेने के बजाय नकद और सोने के सिक्के के रूप में लेने की शर्त रखी थी।
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर एक आरोपी को मुंबई के महिम इलाके से हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर झारखंड के धनबाद जिले के रहने वाले तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 27 से 36 वर्ष के बीच बताई गई है।
गैंग का नाम लेकर दहशत फैलाने की साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से बड़े गैंग का नाम इस्तेमाल कर व्यापारियों को डराकर मोटी रकम वसूलने की फिराक में थे। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका किसी वास्तविक आपराधिक नेटवर्क से संबंध है या नहीं।
मुंबई पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी धमकी या रंगदारी कॉल की तुरंत सूचना पुलिस को दें और किसी भी प्रकार का भुगतान न करें।
इस कार्रवाई से एक संभावित बड़े आपराधिक षड्यंत्र को समय रहते नाकाम कर दिया गया है।