Global Statistics

All countries
198,846,340
Confirmed
Updated on August 1, 2021 5:13 pm
All countries
177,785,391
Recovered
Updated on August 1, 2021 5:13 pm
All countries
4,238,145
Deaths
Updated on August 1, 2021 5:13 pm

Global Statistics

All countries
198,846,340
Confirmed
Updated on August 1, 2021 5:13 pm
All countries
177,785,391
Recovered
Updated on August 1, 2021 5:13 pm
All countries
4,238,145
Deaths
Updated on August 1, 2021 5:13 pm

पांच दिवसीय कार्यशाला में शिक्षा को रोचक बनाने का दिया गया टिप्स

गोपीगंज। मिशन शिक्षण व सृजन संवाद द्वारा पांच दिवसीय आर्ट, क्राफ्ट, पपेट और टीएलएम की आनलाइन कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। मिशन शिक्षण संवाद के संस्थापक विमल कुमार की प्रेरणा से संचालित पांच दिवसीय सृजन संवाद कार्यशाला का शुभारंभशुचि वार्ष्णेय जी ने मां सरस्वती की वंदना के साथ किया।
प्रथम बैच का उदघाटन ललिता प्रदीप निदेशक एसआईईटी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने किया। जिसका समापन करते हुए अब्दुल मुबीन ,सहायक शिक्षा निदेशक,उ.प्र. एवं प्रभात कुमार मिश्रा, प्रवक्ता ( एमआईएस प्रशिक्षण अधिकारी) सीमेट, प्रयागराज ने उत्साहवर्धन किया। कार्यशाला प्रशिक्षण सत्र को सार्थक स्वरुप अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षक आलोक शुक्ला ने प्रभावशाली, रचनात्मक और सुंदर प्रस्तुतिकरण से किया। उन्होंने  कबाड़ से जुगाड़ करते हुए मधुबनी आर्ट का प्रयोग करके बहुत ही उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री को बनाना सिखाया। कहा कि कम संसाधनों का प्रयोग करके भी हम अपने विद्यालयों के बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और लगाव उत्पन्न करके उनकी प्रतिभा का विकास कर सकते है। कार्यशाला का ये अंतिम सत्र बहुत ही प्रभावपूर्ण रहा तथा सभी प्रतिभागियों ने अपने अमूल्य बिचार के द्वारा टीएलएम संग्रह की प्रशंसा और उत्साहवर्धन भी जोर शोर से किया। प्रथम बैच में आलोक शुक्ला ने टेराकोटा, शीला सिंह जी ने मैदे के डोसे टीएलएम बनाना अर्पण शाक्य एवं बहन कुसुमलता जी ने चित्र बनाना, सुभाष जी ने कठपुतली एवं बहन गीता जी ने कबाड़ से जुगाड़ में बहुत सारे टीएलएम बनाना सिखाया।
द्वितीय बैच में शीतल सैनी ने स्टोन आर्ट, वन्दना गुप्ता ने पपेट और शीला सिंह ने फिंगर पपेट बना कर उनको संचालन करना भी सिखाया। इस बैच में पूजा सचान और डॉ रैना पाल ने वेस्ट मटेरियल का प्रयोग कर बहुत ही खूबसूरत टीएलएम बनाना बताया। सत्र के अंतिम दिवस पर आलोक शुक्ला ने मधुबनी आर्ट का प्रयोग कर बहुत सारे टीएलएम बनाना सिखाया।  कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं को शांत करके कार्यशाला को अत्यंत रोचक बनाने का सार्थक प्रयास भी किया गया।
पांच दिवसीय सृजन संवाद कार्यशाला का समापन मिशन शिक्षण संवाद विचार के प्रणेता विमल कुमार के ओजस्वी उद्बोधन से हुआ। जिसमें उन्होंने कार्यशाला से सीखे हुए सृजनात्मक कार्य को विद्यालय के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाकर उनकी प्रतिभाओं को पंख देने का निवेदन सभी शिक्षक साथियों से किया। साथ ही उन्होंने मिशन शिक्षण संवाद द्वारा प्रकृति के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान प्रकृति मित्र में सबसे सहयोग प्रदान करने के लिए कहा गया। अंत में पांच दिनों में सृजन संवाद कार्यशाला में अपना अमूल्य समय देने वाले सभी अतिथियों एव प्रशिक्षकों को आभार पत्र के द्वारा धन्यवाद प्रेषित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles