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VVCMC Budget 2025: वसई-विरार महानगरपालिका ने 3,926 करोड़ का बजट किया पेश

महानगरपालिका ने इस बार किसी भी प्रकार की कर राहत नहीं दी है, बल्कि संपत्ति कर और जल कर बढ़ाकर नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह वृद्धि शहर के बुनियादी ढांचे, सड़क निर्माण, जल निकासी और अन्य आवश्यक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है

वसई-विरार: वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट (VVCMC Budget 2025) शुक्रवार को नगर आयुक्त और प्रशासक अनिलकुमार पवार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष का बजट 3,926 करोड़ 44 लाख 51 हजार रुपये का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 387 करोड़ रुपये अधिक है।

बजट में नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए मालमत्ता कर (प्रॉपर्टी टैक्स) और जलकर (वाटर टैक्स) में वृद्धि की गई है। हालांकि, नागरिकों को इस बार कोई अतिरिक्त राहत नहीं दी गई है, बल्कि कर वृद्धि का बोझ डाला गया है।

बजट को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया

महानगरपालिका में जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल जून 2020 में समाप्त हो गया था, और तब से अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। इस वजह से यह लगातार पांचवां प्रशासनिक बजट है, जिसे अतिरिक्त आयुक्त संजय हरवडे ने प्रशासक (आयुक्त) के पास प्रस्तुत किया। चर्चा और अनुमोदन के बाद इस बजट (VVCMC Budget 2025) को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

बजट प्रस्तुति के दौरान अतिरिक्त आयुक्त संजय हरवडे, मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी इंद्रजीत गोरे, उपायुक्त नानासाहेब कामठे, समीर भूमकर, सदानंद पूरव, अजित मुठे, बाळू तळेकर, नगर अभियंता प्रदीप पाचंगे, प्रकाश साटम, जल अभियंता सुरेंद्र ठाकरे, कार्यकारी अभियंता अमोल जाधव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

बजट में इन योजनाओं को प्राथमिकता

इस बजट में निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:
नगर नियोजन (सिटी प्लानिंग)
सड़क और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
अग्निशमन सेवाएं
शहर की स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन
स्वास्थ्य सेवाएं और अस्पतालों का विकास
दिव्यांगों और महिला-बाल कल्याण योजनाएं
परिवहन व्यवस्था
पार्क, खेल मैदान और जलाशय सौंदर्यीकरण
जल आपूर्ति और जल निकासी प्रबंधन

आय के प्रमुख स्रोत

महानगरपालिका को अपनी सेवाओं और करों के माध्यम से 3,926 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। प्रमुख आय स्रोत निम्नलिखित हैं:

🔹 मालमत्ता कर (प्रॉपर्टी टैक्स): ₹534.29 करोड़
🔹 नगर नियोजन कर: ₹359.55 करोड़
🔹 जल कर (वाटर टैक्स): ₹180.94 करोड़
🔹 विज्ञापन कर: ₹10.05 करोड़
🔹 अग्निशमन सेवा कर: ₹60 करोड़
🔹 स्वच्छता सेवा कर: ₹139.53 करोड़
🔹 वृक्ष प्राधिकरण कर: ₹12.81 करोड़

इसके अलावा, स्टांप शुल्क अनुदान, सड़क मरम्मत निधि, पुस्तकालय अनुदान और विभिन्न अन्य करों से ₹729.11 करोड़ की आय होने की संभावना है।

विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त निधि

🔸 15वें वित्त आयोग के तहत: ठोस कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति, वायु गुणवत्ता सुधार के लिए ₹710.85 करोड़ अनुदान।
🔸 अमृत जल आपूर्ति योजना, विधायक निधि और दलित बस्ती अनुदान: ₹729.11 करोड़ का अतिरिक्त अनुदान।
🔸 अन्य स्रोतों से: ₹100 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान।

बजट में कर बढ़ोतरी से नागरिकों पर बढ़ेगा बोझ

महानगरपालिका ने इस बार किसी भी प्रकार की कर राहत नहीं दी है, बल्कि संपत्ति कर और जल कर बढ़ाकर नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह वृद्धि शहर के बुनियादी ढांचे, सड़क निर्माण, जल निकासी और अन्य आवश्यक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है।

अब यह देखना होगा कि यह बजट नागरिकों के लिए किस हद तक लाभकारी साबित होता है और प्रशासन द्वारा घोषित योजनाओं का कार्यान्वयन कितनी तेजी से किया जाता है।

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