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रोजर फेडरर जैसे दिग्गज के सामने ग्रैंड स्लैम पदार्पण करना और पहले ही मैच में उनसे एक सेट जीतकर सनसनी फैला देने वाले भारत के 21 साल के खिलाड़ी सुमित नागल के लिए यह मैच आंख खोलने वाला रहा। इससे सुमित को पता चला कि शीर्ष स्तर पर लगातार खेलने के लिए उन्हें कितना कुछ करना है। सुमित अब अपने खेल और उसकी कमियों से ज्यादा अच्छे से वाकिफ हो गए हैं और लगातार सुधार करते हुए क्ले कोर्ट का महारथी बनना चाहते हैं।

सुमित ने साल के चौथे एवं आखिरी ग्रैंड स्लैम अमेरिका ओपन के पहले दौर के मैच में पहले सेट में फेडरर को 6-4 से हराया। वह हालांकि मैच हार गए सुमित का हालांकि पहला सेट जीतना हर तरफ से तारीफें लेकर आया और कोर्ट पर भी भारतीय खिलाड़ी ने अपने नाम की गूंज सुनी। उनकी तारीफ करने वालो में फेडरर भी शामिल हैं। फेडरर ने कहा था कि सुमित लंबी रेस का घोड़ा हैं।

सुमित ने फोन पर न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में फेडरर के साथ हुए मैच के अपने अनुभव के बारे में बात की और साथ ही यह भी बताया कि उनका पसंदीदा कोर्ट क्ले है और इस पर महारत हासिल करना चाहते हैं। सुमित ने कहा कि मुझे जब पता चला कि फेडरर को पहले दौर में क्वालीफायर से खेलना है तब मैंने अपने कोच से कहा था कि काश मैं क्वालीफाई कर पाता और फेडरर के सामने खेलता। क्वालीफायर्स खत्म हो गए थे। मैं उस समय मसाज करवा रहा था तभी मेरे कोच ने कहा कि मैं फेडरर के सामने खेलूंगा। तब मैंने अपने कोच से कहा कि आप सीरियस हैं तो उन्होंने कहा-हां। मैं बहुत खुश हुआ। दो दिन का ऑफ था और सोमवार से मैच शुरू होने थे। दो दिन मैं उत्सुकता के कारण सो नहीं पा रहा था। मैंने अपनी ट्रेनिंग में कोई बदलाव नहीं किया क्योंकि कोई भी खिलाड़ी अपने रूटीन में बदलाव नहीं करता है। मैं आम तौर पर जिस तरह की तैयारी करता हूं उसी तरह की तैयारी की थी।

सुमित ने कहा कि फेडरर के खिलाफ वह पहला सेट इसलिए जीते क्योंक वह 20 बार के ग्रैड स्लैम विजेता के मुकाबले अच्छी सर्विस कर रहे थे और बेसलाइन पर अच्छा खेल रहे थे, लेकिन फेडरर ने तुरंत अपने खेल में बदलाव करते हुए मैच जीता। सुमित ने कहा, “मैच के दौरान सेट जीतना मायने नहीं रखता क्योंकि बाद में यही देखा जाएगा कि फेडरर ने मैच जीता। मैं जो सेट जीता, उसमें मैं उनसे बेहतर सर्विस की। बेसलाइन पर मैं उनसे ज्यादा अंक ले रहा था। उन्होंने यह चीज नोटिस की और बदलाव किए। दूसरे सेट से उन्होंने मुझ पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। वह फिर सर्विस अच्छी करने लगे और फिर वो आराम से खेलते हुए मुझ पर हावी हो गए।”

सुमित ने कहा कि मैच के बाद वह फेडरर से बात नहीं कर पाए क्योंकि समय काफी हो गया था और दोनों ही खिलाड़ियों को इंटरव्यू देने थे। इस मैच के बाद अपने खेल का आंकलन करने के सवाल पर सुमित ने कहा, “मुझे तो हर जगह काम करने की जरूरत है चाहे सर्विस हो, फिटनेस हो, नेट हो या फुटवर्क हो। मैं अभी खेल के बारे में जान रहा हूं और सीख रहा हूं। जितना आप खेलते जाते उतना ही सीखते जाते हो। परिपक्वता समय के साथ आती है।”

सुमित ने कहा कि वह अपनी फिटनेस को लेकर ज्यादा संजिदा हैं क्योंकि यह उनका पहला पांच सेट का मैच था और इससे उन्हें पता चला की पांच सेट के मैच के लिए फिटनेस का अलग पैमाना है। उन्होंने कहा, “सुधार तो मुझे करना है। क्योंकि मैं यह पहला पांच सेट का मैच खेला। मुझे अनुभव नहीं है कि पांच सेटों का मैच कैसे खेला जाता है। उसके लिए फिटनेस तो चाहिए। आप यह नहीं कह सकता कि मेरी फिटनेस सही है, यह लगातार सुधारी जा सकती है। मैं इस पर काम कर रहा हूं और अब और काम करूंगा। यह एक दिन में होने वाली चीज नहीं है। इसमें समय लगता है।”

सुमित कहते हैं कि उनके यहां तक के सफर में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के फाउंडेशन ने उनकी काफी मदद की है। सुमित ने कहा, “टेनिस आसान खेल नहीं है। इसमें काफी पैसा लगता है। कई जगह सफर करना होता है वो भी टीम के साथ। ऐसे में विराट कोहली फाउंडेशन का समर्थन मिलने से मुझे काफी मदद मिली। बीते तीन साल में उन्होंने मुझे काफी मदद की है।”

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