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मुंबई । मुंबई विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को राहुल गांधी की आलोचना करने के कारण अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। कांग्रेस एवं वामदलों से जुड़े छात्र संगठन उक्त प्रोफेसर की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े हैं।

प्राध्यापक योगेश सोमण मुंबई विश्वविद्यालय की थिएटर आर्ट अकादमी में निदेशक हैं। पिछले माह एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, ‘मैं राहुल गांधी हूं, न कि राहुल सावरकर।’ सोमण ने फेसबुक एवं ट्विटर पर इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था कि तुम वाकई सावरकर नहीं हो। सच तो यह है कि तुम सच्चे गांधी भी नहीं हो। वह गांधी की पप्पूगीरी का विरोध करते हैं।

उपकुलपति के कार्यालय का घेराव

उनके इस 51 सेकेंड के वीडियो का विरोध करते हुए कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआइ, वामपंथी छात्र संगठन आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआइएसएफ) एवं छात्र भारती ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन संगठनों के छात्रों ने उपकुलपति के कार्यालय का घेराव भी किया। छात्र संगठनों द्वारा लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मंगलवार को योगेश सोमण को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया।

सोमण के समर्थन में भाजपा

भाजपा मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने सोमण पर हुई कार्रवाई की निंदा की और इसे असहिष्णुतापूर्ण कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि एनएसयूआइ एवं एआइएसएफ के सदस्यों द्वारा प्रोफेसर को धमकियां दी जा रही हैं, क्या यह असहिष्णुता नहीं है? कुछ दिनों से शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के छात्रों को भड़काकर उन्हें आंदोलन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। क्या यह असहिष्णुता नहीं है?

कार्रवाई का कांग्रेस ने किया समर्थन

शेलार की बात का जवाब देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। सोमण भाजपा की शह पर राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिए एनएसयूआइ ने जो कदम उठाया, हमें उस पर गर्व है।

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