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Sunday, November 29, 2020

यहां जवान होने के लिए इस चीज़ में हाथ डालते हैं लड़के, आग से जलने जैसा होता है दर्द

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नई दिल्ली: दुनियाभर में जब लोग अपनी जवानी की दहलीज़ पर पहुंचते हैं तो उन्हें अलग-अलग तरीकों से ये साबित करना पड़ता है कि अब वो बड़े हो गए हैं और अब वो किसी भी तरह की मुश्किल का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दुनियाभर में जवानी साबित करने के अलग रिवाज़ हैं लेकिन हम आपको उस रिवाज़ के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आप सपने में भी नहीं करना चाहेंगे।

जिस रिवाज़ की हम बात कर रहे हैं वो सातेरे मावे नामक कबीले का है। इस कबीले के रिवाज़ को निभाने के लिए जवान लड़के अपने आप को चींटी से कटवाते हैं। यह सुनने में तो बेहद ही आसान लगता है लेकिन ऐसा है नहीं क्योंकि जिन चींटियों से जवान लड़कों को कटवाया जाता है वो आम घरेलू चींटियां नहीं होती हैं बल्कि ये जंगल में पायी जाने वाली बुलेट चीटियां होती हैं जिनके काटने पर जलने जैसा दर्द होता है।

इस परंपरा का पालन करने के लिए लड़का जंगल में जाकर बुलेट चींटियां खोजता है। यह चींटियां दुनिया की सबसे तेज़ काटने वाली प्रजाति हैं। चींटियों को इकट्ठा करने के बाद उन्हें एक नशे की दवा दी जाती है ताकि वे सो जाएं और उठने पर काटने को तैयार रहें। इन चीटियों को लड़की की छाल से बने दस्तानों में रख दिया जाता है।

जागने पर ये चीटियां खुद को एक बंद दस्ताने में पाती हैं जिससे गुस्से के मारे ये बौखला जाती हैं। इसके बाद लड़के अपना हाथ इन दस्तानों में डालते हैं और चींटियां उस लड़के के हाथों पर जोर-जोर से काटती हैं। कबीले के रिवाज़ के अनुसार इन दस्तानों को कम से कम 10 मिनट तक बांधकर नाचना होता है। यदि कोई लड़का इससे अधिक समय तक दर्द सहन कर लेता है तो उसे बेहद ताकतवर माना जाता है। जानकारी के मुताबिक़ कुछ लड़के इस दौरान बेहोश भी हो जाते हैं। वहीं कुछ को पैनिक अटैक भी आ जाता है। देखने में आसान लगने वाली ये परंपरा बेहद ही खतरनाक है।

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