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Nagpur Violance: अबू आज़मी ने की शांति की अपील, सरकार ने साजिश बताया, कई इलाकों में कर्फ्यू लागू

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इस हिंसा के लिए अबू आज़मी को जिम्मेदार ठहराया और इसे पूर्वनियोजित साजिश करार दिया। राणे ने कहा कि यह घटना राज्य सरकार को बदनाम करने और पुलिस प्रशासन को कमजोर दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने कहा, "अबू आज़मी ने ही इस पूरे मामले की शुरुआत की। यह राज्य सरकार के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश थी। जो लोग पुलिस पर हमला कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा (Nagpur Violance) के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए झटका बताया। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से शांति बनाए रखने और देश की प्रगति की दिशा में काम करने की अपील की। आज़मी ने कहा, “नागपुर हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता था, लेकिन इस बार जो हुआ, वह बेहद दुखद है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि किसी भी तरह के उकसावे में न आएं और शांति बनाए रखें।”

सरकार ने हिंसा को बताया साजिश, अबू आज़मी पर लगाए आरोप

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इस हिंसा के लिए अबू आज़मी को जिम्मेदार ठहराया और इसे पूर्वनियोजित साजिश करार दिया। राणे ने कहा कि यह घटना राज्य सरकार को बदनाम करने और पुलिस प्रशासन को कमजोर दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने कहा, “अबू आज़मी ने ही इस पूरे मामले की शुरुआत की। यह राज्य सरकार के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश थी। जो लोग पुलिस पर हमला कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

औरंगज़ेब पर बयान से बढ़ा विवाद, कर्फ्यू लागू

इससे पहले, अबू आज़मी ने एक बयान में कहा था कि औरंगज़ेब को सिर्फ ‘क्रूर शासक’ कहना गलत होगा, क्योंकि उन्होंने कई मंदिरों का निर्माण भी कराया था। उन्होंने यह भी कहा कि मुगल बादशाह और छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई धर्म को लेकर नहीं, बल्कि प्रशासन को लेकर थी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद गहरा गया और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन तेज कर दिए

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस हिंसा को सुनियोजित हमला करार दिया। उन्होंने कहा, “नागपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन कुछ अफवाहें फैलाई गईं कि धार्मिक ग्रंथों को जलाया गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। किसी को भी कानून व्यवस्था हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

पुलिस पर हमले और शहर में कर्फ्यू

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि हिंसा के दौरान तीन पुलिस उपायुक्त (DCP) घायल हुए, जिनमें से एक पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस हमले के बाद नागपुर पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया

नागपुर पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा

स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर

फिलहाल नागपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है

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