Nalasopara : नालासोपारा क्षेत्र के भोगवटादार वर्ग-2 की इमारतों के ‘सातबारा’ हस्तांतरण के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर अब बड़ा समाधान निकलने की दिशा में कदम बढ़ा है। इस संबंध में राज्य के राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने मंत्रालय में अहम बैठक ली।
यह बैठक भाजपा विधायक Rajan Naik द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के बाद आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों के साथ मिलकर भोगवटादार वर्ग-2 की जमीनों पर बनी इमारतों के पुनर्विकास में आ रही तकनीकी बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक राजन नाईक ने बताया कि सातबारा हस्तांतरण के लिए दो मुख्य प्रक्रियाएं जरूरी हैं—पहली, जमीन को वर्ग-2 से वर्ग-1 में परिवर्तित करना और दूसरी, सहकारी हाउसिंग सोसायटी के नाम पर मालिकाना हक का हस्तांतरण। लेकिन दोनों प्रक्रियाएं एक-दूसरे पर निर्भर होने के कारण लंबे समय से अटकी हुई हैं।
राजस्व मंत्री बावनकुळे ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सोसायटी को उनका कानूनी अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए जिला स्तर पर बैठक कर प्रत्येक केस का समाधान निकाला जाए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कई इमारतों को डीम्ड कन्वेयन्स मिल चुका है, फिर भी वर्ग-2 की स्थिति के कारण सातबारा पर नाम दर्ज नहीं हो पा रहा है। मंत्री ने साफ किया कि इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है और प्रक्रिया जल्द शुरू की जानी चाहिए।
इस निर्णय से नालासोपारा क्षेत्र की सैकड़ों सोसायटियों और हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से पुनर्विकास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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