Great Indian Costal Cyclothon: CISF के “ग्रेट इंडियन कोस्टल साइकलोथॉन” का वसई में भव्य स्वागत
भारत की तटीय सुरक्षा और जागरूकता के लिए एक ऐतिहासिक पहल, 6,553 किलोमीटर की यात्रा के तहत वसई में उत्साहपूर्ण स्वागत

भारत की तटीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और समुद्री सीमाओं की निगरानी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा आयोजित “ग्रेट इंडियन कोस्टल साइकलोथॉन” (Great Indian Costal Cyclothon) का वसई में भव्य स्वागत किया गया।
यह साइकलोथॉन 7 मार्च को गुजरात के कच्छ स्थित लक्षद्वीप किले से आरंभ हुआ था और 1 अप्रैल को कन्याकुमारी के विवेकानंद स्मारक पर संपन्न होगा। इस दौरान 9 राज्यों को पार करते हुए 6,553 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तटीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, मछुआरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
20 मार्च को शाम 6 बजे, जब CISF साइकलोथॉन टीम वसई पहुंची, तो मीरा-भाइंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय (MBVV Police) की टीम ने वसई पूर्व स्थित गोल्डन चैरियट होटल में भव्य मेजबानी कर CISF टीम का शानदार स्वागत किया। इस दौरान पेल्हार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र वानकोटी और मांडवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे के नेतृत्व में CISF साइक्लिस्टों के स्वागत की विशेष तैयारियाँ की गई थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत पेल्हार पुलिस स्टेशन में हुई, जहाँ CISF साइकलोथॉन टीम का स्थानीय नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया। देशभक्ति के गीतों के बीच CISF टीम की राष्ट्र सेवा और साहसिक यात्रा का सम्मान किया गया। वहां से साइकिलिस्टों की टीम मुंबई-गुजरात हाईवे स्थित गोल्डन चैरियट होटल के लिए रवाना हुई, जहां NCC कैडेट्स ने सलामी देकर उनका स्वागत किया।
इस विशेष अवसर पर मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, जोन तीन के डीसीपी जयंत बजबले, ओसीएसएफ कमांडेंट राजेश कुमार आर्या, बीसीपीएस जनार्दन बबाडे, शेखर घाटगे और तहसीलदार अविनाश कोष्टी समेत कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने CISF टीम की इस ऐतिहासिक यात्रा की सराहना करते हुए उनके साहस और प्रतिबद्धता को सलाम किया।
स्वागत समारोह के दौरान दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें अधिकारियों ने अपने उद्गार व्यक्त किए और साइकिलिस्टों को मेडल प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने CISF टीम पर फूलों की वर्षा कर उनके उत्साह को और भी बढ़ाया।
इस साइकलोथॉन में 14 महिलाओं सहित 100 से अधिक साइकिलिस्ट भाग ले रहे हैं, जिनका उद्देश्य भारत के समुद्री तटों की सुरक्षा, मछुआरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। वसई के बाद यह साइकलोथॉन 20 मार्च को मुंबई पहुंचेगा, जहाँ CISF के 75वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस समय तक 3,300 किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी होगी।
CISF अधिकारियों और साइकिलिस्टों ने इस ऐतिहासिक अभियान को “भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम” करार दिया है। इस अभियान से तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा और सतर्कता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।