मुंबई। धारावी में 24 मार्च की शाम हुए सिलेंडर विस्फोट (Dharavi gas Cylinder Blast) मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि विस्फोटक सिलेंडर से भरा वाहन सड़क पर अवैध रूप से डबल-पार्क किया गया था, जो यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसके साथ ही, पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था।
डीसीपी जोन 5 गणेश गावड़े के अनुसार, इस अवैध पार्किंग रैकेट में ड्राइवर और संचालकों की मिलीभगत थी। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि उनके इस गैरकानूनी कृत्य से यातायात बाधित होगा और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होगा, फिर भी वे इसे लगातार अंजाम दे रहे थे। इस मामले की जांच के बाद धारावी पुलिस ने लापरवाही और लोगों की जान को खतरे में डालने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने जिन आरोपियों की पहचान की है, उनमें गैस सिलेंडर टेम्पो चालक गोपाल पुजारी (45), गैस एजेंसी के मालिक निनाद सुरेश केलकर (50), प्रबंधक नागेश सुभाष नवले (28), दूसरे टेम्पो के चालक वेलू नादर, ट्रक चालक सोनू गौतम चारमोहन (24), कथित साथी अनिल कुमार गुप्ता (50) और अवैध पार्किंग संचालक तरबेज तारिक शेख व तारिक जब्बार शेख शामिल हैं। इसके अलावा, इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल अन्य अज्ञात वाहन चालकों पर भी मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
धारावी पुलिस के अनुसार, पुलिस कांस्टेबल महेंद्र वासा वाल्वी (38) 24 मार्च की शाम 6 बजे इलाके में गश्त कर रहे थे। रात करीब 9:50 बजे जब वे एलबीएस रोड से गुजर रहे थे, तो उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा। तत्काल उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध पार्किंग और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी लापरवाहियों को उजागर कर दिया है।
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