मुंबई | मेट्रो सिटी समाचार
मुंबई में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विधान परिषद में उठाए गए प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत व्यापक कार्रवाई की जा रही है।
हर थाने में स्पेशल टीम, जॉइंट ऑपरेशन तेज
योगेश कदम ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में इंटेलिजेंस आधारित जॉइंट ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
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प्रत्येक पुलिस स्टेशन में 5 कर्मियों की विशेष टीम गठित
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ATS और लोकल पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग और छापेमारी
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नगर निगम और पुलिस द्वारा फेरीवालों के दस्तावेजों का सत्यापन
उन्होंने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के बाद प्रमाण मिलने पर उन्हें सीधे BSF को सौंपने की प्रक्रिया तेज की गई है।
पिछले पांच वर्षों का आंकड़ा
गृह राज्य मंत्री ने सदन में डिपोर्टेशन के आंकड़े पेश करते हुए बताया:
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2021: 109
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2022: 77
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2023: 127
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2024: 202
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2025: 2376
उन्होंने दावा किया कि एक वर्ष में 2000 से अधिक लोगों को डिपोर्ट कर महाराष्ट्र देश में अग्रणी रहा है।
डिटेंशन सेंटर के लिए 20 करोड़ मंजूर
राज्य में पहली बार डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की जानकारी संबंधित थाने में जमा करना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिम बंगाल मार्ग से आने का दावा
योगेश कदम ने कहा कि अवैध प्रवासी सीधे मुंबई नहीं आते, बल्कि पहले पश्चिम बंगाल पहुंचते हैं और वहीं से दस्तावेज तैयार कर महाराष्ट्र आते हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। राज्य की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर विशेष टास्क फोर्स भी गठित की जाएगी।