महाराष्ट्र में सूखे से फसल नुकसान के आकलन का काम अंतिम दौर में बताया गया है। कृषि विभाग के 1 नवंबर तक के विवरण में लगभग 97 प्रतिशत पंचनामे पूरे होने की जानकारी है। राज्य ने केंद्र सरकार के सामने ₹15,386.19 करोड़ की आर्थिक मदद का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव भेजे जाने का मतलब रकम मंजूर होना या किसानों के खातों में भुगतान होना नहीं है।
कितने इलाके और कितना नुकसान
उपलब्ध विभागीय विवरण के मुताबिक 33 जिलों के 304 तालुके सूखे की स्थिति से प्रभावित हैं। 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल नुकसान वाला क्षेत्र 141.53 लाख हेक्टेयर बताया गया है। यह क्षेत्रफल है, किसानों की संख्या नहीं।
इन आंकड़ों की संदर्भ तारीख 1 नवंबर है। इसे 2 नवंबर की दोपहर तक सभी जिलों का काम पूरा हो जाने की घोषणा नहीं माना जा सकता। पंचनामा खेत में नुकसान का सरकारी आकलन है; अंतिम मदद की प्रक्रिया में इसका महत्व है।
सभी विभागों की रफ्तार एक जैसी नहीं
कोकण, नाशिक, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर विभाग में काम पूरा बताया गया है। पुणे में 94, लातूर में 97, अमरावती में 99 और नागपुर में 86 प्रतिशत प्रगति दर्ज है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बाकी काम जल्द पूरा कराने के निर्देश देने की जानकारी दी है।
राहत की अलग प्रक्रिया के तहत राज्य पहले सूखा प्रभावित किसानों के लिए ₹5,000 अग्रिम मदद का निर्देश दे चुका है। उस घोषणा और केंद्र को भेजे मौजूदा प्रस्ताव को एक ही भुगतान न समझें। अभी प्रस्ताव की स्वीकृति या नई जमा तारीख की पुष्टि नहीं है।




