वसई–नायगांव पूर्व में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए बन रहे पोमण के 100 MVA उपकेंद्र को नवंबर के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है। परियोजना की समीक्षा में मुख्य अभियंता सुनील सूर्यवंशी ने काम अंतिम चरण में होने की जानकारी दी। फिलहाल इसे चालू हो चुका उपकेंद्र मानना सही नहीं होगा।
किन इलाकों को राहत की उम्मीद
उपकेंद्र का फायदा पोमण, कामण, चिंचोटी के औद्योगिक पट्टे और नायगांव पूर्व के हाईवे क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। उपलब्ध विवरण में लगभग 15 से 20 हजार बिजली ग्राहकों को लाभ मिलने का अनुमान है। बढ़ती आबादी और उद्योगों के साथ इस क्षेत्र में बिजली की मांग भी बढ़ी है।
अभी इलाके को नालासोपारा की ओर से लंबी लाइन के जरिए आपूर्ति मिलने का विवरण सामने आया है। कम वोल्टेज और बार-बार सप्लाई रुकने की शिकायतों के बीच स्थानीय उपकेंद्र का काम पूरा होना लोगों के लिए अहम है।
काम का लक्ष्य और वास्तविक शुरुआत अलग
स्थानीय पूर्व नगरसेवक कन्हैया भोईर के प्रतिनिधिमंडल ने महापारेषण के मुंबई कार्यालय में काम की समीक्षा की। नवंबर अंत की समयसीमा इसी समीक्षा से जुड़ी है। चालू होने की निश्चित तारीख और अंतिम परिचालन सूचना अभी उपलब्ध नहीं है; इसलिए सभी बिजली समस्याएं खत्म हो जाने का दावा नहीं किया जा सकता।
वसई–विरार में बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग पहले भी उठती रही है। इस पृष्ठभूमि को समझने के लिए ऊर्जा मंत्री के साथ बिजली समस्या पर हुई पिछली बैठक की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं। नई परियोजना की वास्तविक शुरुआत अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।




