महाराष्ट्र: सूखे के बीच पशुओं के लिए चारा बचाकर रखने को राज्य के पशुपालन विभाग ने मिशन मुरघास शुरू किया है। इसमें उपलब्ध हरे चारे को वैज्ञानिक तरीके से साइलेज में बदलकर सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
19 जिलों में पात्र पशुपालकों को सहायता
पशुपालन आयुक्त के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, विदर्भ और मराठवाड़ा के 19 जिलों में पात्र दूध उत्पादकों और पशुपालकों को खरीदे गए साइलेज पर ₹3 प्रति किलो सहायता मिलेगी। गणना में प्रति पशु रोजाना 5 किलो साइलेज और 90 दिन की जरूरत का आधार रखा गया है।
चारा उत्पादन और साइलेज की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त ₹76.41 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह चारा बीज वितरण के लिए पहले से तय ₹51.20 करोड़ के अतिरिक्त राशि है।
दस्तावेज और पात्रता की पुष्टि जरूरी
पात्र लाभार्थियों को साइलेज खरीद का प्रमाण देना होगा। सहायता सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था बताई गई है। आवेदन की तारीख, स्थानीय उपलब्धता और पात्रता के लिए अपने जिले के पशुपालन कार्यालय से जानकारी लें।
मुहिम के तहत किसानों को चारा काटने, दबाकर रखने और हवा बंद भंडारण के तरीकों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। राज्य के अन्य अपडेट के लिए देखें: महाराष्ट्र समाचार।




