भाईंदर | संवाददाता: मीरा-भाईंदर शहर में कीट नियंत्रण अभियान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जहां नगर निगम द्वारा कीटनाशक पाउडर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, वहां कुछ इलाकों में सफाई कर्मचारियों द्वारा सफेद सीमेंट डाला जा रहा है।
जांच में सामने आया संदेह
यह मामला उस समय सामने आया जब स्थानीय पार्षद गणेश शेट्टी अपने प्रभाग में निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे और नालों के पास डाली जा रही सफेद पाउडर सामान्य कीटनाशक से अलग दिखाई दे रही थी, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
पार्षद के मुताबिक, आम तौर पर उपयोग में लाई जाने वाली बोरिक पाउडर हल्के पीलेपन लिए सफेद रंग की होती है, जबकि यहां जो सामग्री डाली जा रही थी वह पूरी तरह चमकदार सफेद नजर आ रही थी। संदेह के बाद उन्होंने मौके से तस्वीरें लीं, जिनमें कथित तौर पर सीमेंट की बोरियां भी दिखाई दे रही हैं।
इस संबंध में उन्होंने नगर निगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त सचिन बांगर से शिकायत की है और मामले की जांच की मांग की है। साथ ही, जहां-जहां यह सामग्री डाली गई है, उसे तत्काल हटाने की भी बात कही है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
पार्षद का कहना है कि यदि कीटनाशक के नाम पर सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो यह गंभीर लापरवाही है और इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष
वहीं, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बोरिक पाउडर का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि कीटनाशक की जगह सीमेंट डालने जैसी कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं है।
स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जहां भी छिड़काव किया गया है, वह उपलब्ध दवाओं के जरिए ही किया गया होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ जगहों पर गलतफहमी या गलत जानकारी के कारण इस तरह की बातें सामने आ रही हो सकती हैं।
मामला सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।
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