मुंबई: बुधवार को दफ्तर से लौट रहे लोगों को दक्षिण मुंबई में जाम और बदले हुए रास्तों का सामना करना पड़ा। प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व में निकले मोर्चे के चलते मेट्रो सिनेमा जंक्शन से BMC मुख्यालय के बीच दोपहर तीन से शाम छह बजे तक यातायात रोका गया। पुलिस ने गाड़ियों को दूसरे रास्तों से निकाला।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
वंचित बहुजन आघाडी के इस प्रदर्शन में करीब दो हजार लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए। ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं, किसी जांच का निष्कर्ष नहीं।
मोर्चे से पहले आंबेडकर ने मतदाता सूची से नाम हटने और दोबारा नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि पहले से मतदान कर चुके नागरिकों को फिर से पंजीकरण कराते समय परेशानी नहीं होनी चाहिए। बुधवार को दादर में उन्होंने इसी मुद्दे पर अपना विरोध दोहराया।
दफ्तर से लौटने वालों की राह बदली
मेट्रो सिनेमा जंक्शन से शुरू हुए मार्च के दौरान रास्ते पर बैरिकेड लगाए गए और पुलिस तैनात की गई। भीड़ तथा डायवर्जन के कारण आसपास की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ा। इसका असर शाम को घर लौटने वालों पर पड़ा।
पुलिस ने कहा—मोर्चे की अनुमति नहीं थी
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और आयोजकों के खिलाफ आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। उपलब्ध जानकारी में FIR दर्ज हो जाने की पुष्टि नहीं है।
यह बुधवार शाम की बाधा का विवरण है। इसे पूरे दक्षिण मुंबई में रातभर रास्ते बंद रहने की सूचना नहीं माना जाना चाहिए।




