मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार राधा और बबीता के बांद्रा के बैंडस्टैंड इलाके में जाने के मकसद की जांच की जा रही है। प्राप्त विवरण में क्राइम ब्रांच के हवाले से कहा गया है कि मोबाइल फोन और तकनीकी विश्लेषण में उनके इस इलाके में जाने की जानकारी सामने आई है।
बैंडस्टैंड जाने का मकसद क्या था?
जांच का एक पहलू यह है कि दोनों महिलाएं वहां घूमने गई थीं या किसी अन्य उद्देश्य से पहुंची थीं। सलमान खान और अन्य कलाकारों के घरों की कथित रेकी के संदेह की बात भी प्राप्त विवरण में कही गई है। हालांकि, उनके बैंडस्टैंड जाने से अपने-आप रेकी साबित नहीं होती। इस संबंध में स्वतंत्र पुष्टि या मूल पुलिस दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
मोबाइल डेटा और अनिल पंडित से कथित संपर्क
पुलिस के हवाले से मिले विवरण में गिरफ्तार महिलाओं के कथित तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में होने का दावा है। जांचकर्ता मोबाइल से प्राप्त सामग्री के आधार पर आरोपियों की भूमिका और उन्हें कथित योजना की जानकारी होने के पहलू को परख रहे हैं।
प्राप्त जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि मामले के 11 गिरफ्तार आरोपियों में आठ अनिल पंडित के सीधे संपर्क में थे। इस संख्या और संपर्कों के बारे में मूल आधिकारिक रिकॉर्ड इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।
स्थानीय मददगार और हमले के मकसद की पड़ताल
जांच में कथित स्थानीय मददगार की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस के सामने यह सवाल है कि मुंबई आने वाले आरोपियों को यहां ठहरने, आवाजाही या अन्य व्यवस्था में किसी ने सहायता की थी या नहीं।
प्राप्त विवरण में वसूली और वर्चस्व को हमले का कथित मकसद बताया गया है। बिश्नोई गिरोह से संबंध का दावा भी है। इन पहलुओं को जांच के दावों के रूप में रखा गया है; इन्हें आधिकारिक तौर पर अंतिम रूप से सिद्ध निष्कर्ष नहीं बताया जा रहा है। आरोपियों की भूमिका अदालत में साबित होना बाकी है।
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