मुंबई: दिंडोशी सेशंस कोर्ट परिसर से कथित तौर पर पुलिस को धक्का देकर फरार हुए विचाराधीन आरोपी इब्राहिम साजिद मुजावर ने कुरार पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार, 23 अक्टूबर को फरार होने के बाद वह लोनावला गया था। उसका वकील उसे वापस लेकर आया और शनिवार, 24 अक्टूबर की शाम उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
जमानत याचिका खारिज होने के बाद फरार होने का आरोप
पुलिस के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इब्राहिम मुजावर को आर्थर रोड जेल से सुनवाई के लिए दिंडोशी सेशंस कोर्ट की अदालत संख्या 10 में लाया गया था। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कार्यवाही पूरी होने के बाद पुलिस उसे जेल वापस ले जाने के लिए वाहन की ओर ले जा रही थी।
आरोप है कि इसी दौरान उसने साथ चल रहे पुलिस कांस्टेबल को धक्का दिया, सड़क पार की और एक ऑटो रिक्शा में बैठकर भाग गया। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी।
बेटी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली थी
प्राप्त विवरण के अनुसार, कोर्ट की कार्यवाही के बाद उसकी पत्नी समेत दो महिलाएं उससे मिलने पहुंची थीं। पत्नी ने उसे बताया था कि उनकी एक साल की बेटी की तबीयत खराब है। बताया गया है कि यह सुनकर वह भावुक हो गया था। हालांकि, बेटी की बीमारी और उसके फरार होने के बीच संबंध को जांच का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
लोनावला से वापस आया, कुरार पुलिस के सामने सरेंडर
आरोपी के भागने के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी से भी पूछताछ की। बाद में उसके लोनावला जाने की जानकारी सामने आई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वकील उसे वहां से वापस लेकर आया, जिसके बाद उसने शनिवार शाम कुरार पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया।
BNS की धारा 262 के तहत मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक, मुजावर के खिलाफ अंबोली पुलिस स्टेशन में पहले से कई मामले दर्ज हैं। करीब छह महीने पहले हत्या के प्रयास के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वह जेल में बंद था। वह विचाराधीन आरोपी है; संबंधित आरोपों पर अदालत का अंतिम निर्णय होना बाकी है।
कुरार पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
इस घटना की पिछली खबर पढ़ें: दिंडोशी कोर्ट परिसर से आरोपी के फरार होने का मामला।




