मुंबई | Metro City Samachar: मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित म्यूजिक कंसर्ट के दौरान ड्रग्स ओवरडोज से हुई दो छात्रों की मौत के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वनराई पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह मामला सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी आनंद पटेल और एमबीए छात्र प्रतीक पांडे पिछले कई वर्षों से ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। पटेल कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजता था, जबकि पांडे छात्रों के बीच इसकी सप्लाई करता था। चूंकि पांडे खुद छात्र था, इसलिए उसे कॉलेज नेटवर्क में ड्रग्स फैलाने में आसानी होती थी।
जांच में खुलासा हुआ है कि नेस्को कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले, 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। कुल 7 गोलियां पांडे तक पहुंचाई गई थीं, जिनमें से 4 गोलियां मृतक छात्रों — लखनऊ की रुचि राय और दिल्ली के विस्मित सिंह भसीन — को ₹6400 में बेची गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अस्पताल में भर्ती एक अन्य छात्रा ने भी कबूल किया है कि उसने कंसर्ट के दौरान एमडीएमए की गोली ली थी, जिसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं रहा।
अब तक वनराई पुलिस इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मुख्य सप्लायर की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी बीकेसी जैसे बड़े इवेंट्स में ड्रग्स सप्लाई की जा चुकी है।
फिलहाल, पुलिस की कई टीमें इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच में जुटी हुई हैं।
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