वसई-विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका के नाट्यगृह और क्रीड़ा संकुल के 3 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक तरफ वसई की भाजपा विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने महानगरपालिका आयुक्त से कार्यक्रम की प्रशासनिक मंजूरी, वैधानिक अनुमतियों और सरकारी प्रोटोकॉल को लेकर सात बिंदुओं पर जवाब मांगा है, वहीं दूसरी तरफ महापौर अजीव पाटील ने कहा है कि उद्घाटन कार्यक्रम नियमों के मुताबिक आयोजित किया जा रहा है और संबंधित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
3 अक्टूबर को नालासोपारा-आचोले के नाट्यगृह और विरार-बोळींज के क्रीड़ा संकुल के उद्घाटन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्यक्रम बहुजन विकास आघाड़ी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम की निमंत्रण प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वरूप को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई है।
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने उठाए 7 सवाल
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने महानगरपालिका आयुक्त को लिखे पत्र में पूछा है कि क्या 3 अक्टूबर के कार्यक्रम को महानगरपालिका प्रशासन की आधिकारिक मंजूरी मिली है और यदि मंजूरी दी गई है तो उसका आदेश सार्वजनिक किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने नाट्यगृह और क्रीड़ा संकुल के Completion Certificate, Fire Safety तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की स्थिति भी स्पष्ट करने की मांग की है।
विधायक ने यह भी पूछा है कि क्या महानगरपालिका ने कार्यक्रम की कोई आधिकारिक निमंत्रण पत्रिका जारी की है तथा कार्यक्रम में महानगरपालिका के फंड, अधिकारी-कर्मचारी, वाहन, बिजली व्यवस्था, मंच, प्रचार व्यवस्था और अन्य संसाधनों के इस्तेमाल की औपचारिक अनुमति दी गई है या नहीं।
उनका एक प्रमुख सवाल सरकारी प्रोटोकॉल को लेकर भी है। विधायक जानना चाहती हैं कि पालकमंत्री, संबंधित सांसद और वर्तमान विधायकों को प्रचलित राजशिष्टाचार के अनुसार आधिकारिक निमंत्रण दिया गया है या नहीं। साथ ही यदि किसी पूर्व जनप्रतिनिधि को उद्घाटक या प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल किया गया है तो यह निर्णय किस सक्षम प्राधिकरण ने लिया है।
भाजपा ने निमंत्रण पत्र को लेकर भी आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि निमंत्रण महापौर और उपमहापौर के नाम से प्रसारित किया गया और प्रशासन द्वारा सरकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत से भी मुलाकात की थी।
महापौर अजीव पाटील ने आरोपों को किया खारिज
इन सवालों और भाजपा की आपत्तियों के बाद महापौर अजीव पाटील ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट की है।
महापौर का कहना है कि उद्घाटन कार्यक्रम नियमों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है और पालकमंत्री, सांसद, विधायक, नगरसेवक तथा अन्य मान्यवरों को निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी जनप्रतिनिधि को जानबूझकर कार्यक्रम से बाहर नहीं रखा गया है।
इसी मामले में उपमहापौर मार्शल लोपीस ने भाजपा पर विकास कार्यों का श्रेय लेने के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया है। यह बहुजन विकास आघाड़ी की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है, जबकि भाजपा का कहना है कि उसका सवाल कार्यक्रम की प्रशासनिक वैधता, पारदर्शिता और प्रोटोकॉल से जुड़ा है।
भाजपा ने आयुक्त को दिया अल्टीमेटम
विवाद यहीं नहीं रुका। महानगरपालिका में भाजपा की ओर से आयुक्त को 2 अक्टूबर की रात तक पूरे मामले पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
भाजपा की ओर से कहा गया है कि यदि प्रशासन से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो 3 अक्टूबर को पार्टी के जनप्रतिनिधि और नागरिक इन दोनों सार्वजनिक इमारतों के लोकार्पण को लेकर अपनी अगली भूमिका तय करेंगे। प्रकाशित रिपोर्ट में भाजपा द्वारा नागरिकों के साथ उद्घाटन करने की चेतावनी भी दर्ज की गई है।
सार्वजनिक इमारत, लेकिन विवाद राजनीतिक
विधायक स्नेहा दुबे पंडित का कहना है कि सार्वजनिक निधि से तैयार हुई महानगरपालिका की इमारतें किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हैं और इसलिए इनके लोकार्पण में प्रशासनिक प्रक्रिया और सरकारी प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक है।
दूसरी तरफ महापौर अजीव पाटील का दावा है कि कार्यक्रम नियमानुसार हो रहा है और सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
इस तरह 3 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन से पहले मामला अब केवल नाट्यगृह और क्रीड़ा संकुल खोलने तक सीमित नहीं रह गया है। भाजपा जहां प्रशासनिक मंजूरी और प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रही है, वहीं बहुजन विकास आघाड़ी कार्यक्रम को नियमों के तहत बताते हुए भाजपा के आरोपों को खारिज कर रही है।
अब सबसे महत्वपूर्ण नजर महानगरपालिका आयुक्त की आधिकारिक भूमिका और 3 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम पर रहेगी।