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भारत की स्टार महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने बचपन के कोच संदीप गुप्ता से अलग होने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पुणे को अभ्यास केंद्र बनाने से उन्हें काफी फायदा मिला। बत्रा को बखूबी पता है कि द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त गुप्ता से अलग होने के उनके फैसले को लेकर लोग काफी बातें करेंगे लेकिन उसका मानना है कि उसके खेल को सुधारने के लिये यह जरूरी फैसला था।

दो दशक से गुप्ता के मार्गदर्शन में खेल रही बत्रा के रिश्ते उनसे इतने खराब हो गए कि अब आपस में बातचीत भी नहीं है। अब वह सन्मय परांजपे के साथ अभ्यास करती हैं। वह पिछले महीने आईटीटीएफ रैंकिंग में 18 पायदान चढकर 61वें स्थान पर पहुंच गई। उसने प्रेस ट्रस्ट से कहा, ”अब मैं अपने खेल को लेकर आत्मविश्वास से ओतप्रोत हूं। मुझे फर्क महसूस हो रहा है। पुणे में माहौल काफी पॉजीटिव है और मेरे अभ्यास के साझेदार भी मेरे साथ काफी मेहनत कर रहे हैं।

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राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता बत्रा को शीघ्र ही शीर्ष 50 में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा,” मुझे शारीरिक रूप से और मजबूत होना होगा ताकि टेबल के आसपास मूवमेंट बेहतर हो सके। टेबल टेनिस में रिफ्लैक्स महत्वपूर्ण होते हैं। सभी कहते हैं कि मैं लंबी हूं तो मुझे आसानी होती है लेकिन हाथ के साथ पहुंचना काफी नहीं है। पैर के मूवमेंट भी जरूरी है। मैं उस पर काम कर रही हूं।

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