विरार: विरार पश्चिम के अर्नाळा समुद्रकिनारे पर गुरुवार शाम अचानक तेज तूफानी हवाओं ने दस्तक दी। शाम करीब 6:30 बजे आए इस तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि समुद्रकिनारे और मछली पकड़ने वाली नावों पर रखा सामान हवा में उड़कर काफी दूर जा गिरा। कुछ सामान करीब 400 से 500 मीटर दूर तक पहुंच गया।
अर्नाळा और आसपास के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में मछुआरा समुदाय रहता है। 15 अगस्त के बाद शुरू होने वाले नए मछली पकड़ने के मौसम को लेकर मछुआरे इन दिनों तैयारियों में जुटे हुए हैं। नावों को समुद्र में उतारने से पहले जाल, रस्सियां, मछली पकड़ने के उपकरण और अन्य जरूरी सामान व्यवस्थित किए जा रहे हैं।
इसी तैयारी के बीच गुरुवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ तूफानी स्थिति बन गई। कुछ ही देर में समुद्रकिनारे रखा मछली पकड़ने का सामान हवा की चपेट में आ गया और कई वस्तुएं दूर तक उड़ गईं।
तूफान थमने के बाद सामान जुटाने में लगी मशक्कत.
तेज हवाओं के दौरान समुद्रकिनारे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तूफान शांत होने के बाद मछुआरों ने समुद्रकिनारे और आसपास के इलाके में बिखरे सामान को तलाशना शुरू किया।
कई सामान हवा के साथ काफी दूर चले जाने के कारण उन्हें वापस जुटाने में मछुआरों को काफी मेहनत करनी पड़ी। इस घटना से उनकी आगामी मछली पकड़ने के मौसम की तैयारियों पर भी असर पड़ा है।
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हालांकि, राहत की बात यह रही कि तूफानी हवाओं की इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। लेकिन मछुआरों के मासेमारी उपकरण और अन्य सामान को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
अर्नाळा समुद्रकिनारे अचानक बदले मौसम ने एक बार फिर तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरा समुदाय की मौसम पर निर्भरता और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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