99वें वर्ष में ऐतिहासिक बदलाव, पहली बार विशेष बार्ज से समुद्र के भीतर किया जाएगा विसर्जन
मुंबई | 25 सितंबर 2026 : लालबाग के प्रसिद्ध गणेश गली ‘मुंबईचा राजा’ के विसर्जन को लेकर बना असमंजस आखिरकार खत्म हो गया है। एक दिन पहले प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जरूरी समन्वय पूरा नहीं हो पाने के कारण यह स्थिति बनी थी कि 25 सितंबर को बप्पा का विसर्जन नहीं हो सकेगा। लेकिन इसके बाद मुंबई पुलिस, संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों और मंडल के बीच हुई बातचीत और आपसी समन्वय के बाद विसर्जन का रास्ता साफ हो गया।
मंडल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, आवश्यक पुलिस अनुमति और अन्य व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद शुक्रवार, 25 सितंबर को मुंबईचा राजा की विसर्जन यात्रा शुरू कर दी गई है।
सुबह पूजा-अर्चना और धार्मिक विधियों के बाद करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा को मंडप से बाहर निकालकर विसर्जन यात्रा के लिए रवाना किया गया। बप्पा को विदाई देने के लिए लालबाग, गणेश गली और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। ढोल-ताशों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच यात्रा आगे बढ़ रही है।
एक दिन में बदली स्थिति
मुंबईचा राजा के विसर्जन को लेकर गुरुवार तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इस वर्ष मंडल ने विसर्जन की पारंपरिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए प्रतिमा को समुद्र किनारे विसर्जित करने के बजाय विशेष बार्ज के जरिए समुद्र के अंदर ले जाकर विसर्जित करने की योजना बनाई थी।
इस विशेष व्यवस्था के लिए समुद्री और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग अनुमतियों तथा सुरक्षा संबंधी समन्वय की जरूरत थी। इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस और मंडल के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई थी, जिसके कारण 25 सितंबर को विसर्जन होने पर संशय पैदा हो गया था।
हालांकि इसके बाद मुंबई पुलिस और मंडल के पदाधिकारियों के बीच दोबारा चर्चा हुई। आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, समुद्री विसर्जन की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक पहलुओं पर समन्वय बनने के बाद आज के विसर्जन को मंजूरी मिल गई।
पहली बार समुद्र के भीतर विशेष बार्ज से विसर्जन
इस बार का विसर्जन मुंबईचा राजा के इतिहास में खास माना जा रहा है। मंडल के मुताबिक, पहली बार गणेश प्रतिमा का अंतिम विसर्जन समुद्र किनारे से नहीं, बल्कि समुद्र के भीतर विशेष बार्ज की मदद से किया जाएगा।
इसके लिए समुद्र में प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से ले जाने, बार्ज की व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और विसर्जन के दौरान आवश्यक तकनीकी तैयारियां की गई हैं। मंडल और प्रशासन के बीच लगातार समन्वय रखते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने की योजना बनाई गई है।
99वें वर्ष का ऐतिहासिक विसर्जन
गणेश गली का मुंबईचा राजा मुंबई के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित गणेशोत्सव मंडलों में शामिल है। इस वर्ष मंडल ने अपने 99 वर्ष पूरे किए हैं। ऐसे में इस वर्ष का विसर्जन केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि मंडल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।
अगले वर्ष मंडल अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा। इससे पहले 99वें वर्ष में समुद्री विसर्जन की प्रक्रिया में किया गया यह बदलाव भी मंडल के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और मंडल के बीच समन्वय के साथ विसर्जन की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मुंबईचा राजा की विसर्जन यात्रा शुरू हो चुकी है। अंतिम विसर्जन आज ही विशेष बार्ज के जरिए समुद्र के भीतर किया जाएगा।
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