मीरा-भाईंदर/विरार: भाईंदर रेलवे स्टेशन और पुलिस थाने को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में नई जानकारी सामने आई है। बोळींज पुलिस ने करीब एक घंटे के भीतर विरार में संबंधित बुजुर्ग महिला का पता लगाकर पूछताछ की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल बेचे जा चुके मोबाइल के पुराने डेटा का इस्तेमाल कर भेजे जाने की बात सामने आई है। अब मामले की आगे की जांच मीरा-भाईंदर साइबर सेल की मदद से की जाएगी।
इससे पहले भाईंदर रेलवे स्टेशन पर बम रखे होने और कुछ ही समय में विस्फोट होने की धमकी वाला कॉल मिलने से हड़कंप मच गया था। बम निरोधक दस्ते, GRP और RPF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पश्चिम रेलवे ने कॉल को फर्जी धमकी यानी ‘हॉक्स कॉल’ बताया था।
ईमेल में इस्तेमाल हुए परिवार की तीन महिलाओं के नाम
दोपहर करीब तीन बजे मिले धमकी भरे ईमेल में भाईंदर रेलवे स्टेशन और पुलिस थाने को उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल की जांच करते हुए बोळींज पुलिस विरार निवासी वैशाली रुमडे (72) तक पहुंची।
बोळींज पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रकाश कावळे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वैशाली रुमडे के बेचे जा चुके मोबाइल के पुराने डेटा के आधार पर यह ईमेल भेजा गया था। धमकी वाले ईमेल में उनकी बहन सुचिता प्रभू देसाई (78) का नाम भी डाला गया था। वहीं, ईमेल वैशाली रुमडे की बेटी उज्ज्वला सावरकर के नाम से भेजा गया था। उज्ज्वला फिलहाल अमेरिका में रहती हैं।
पहले सामने आई पहचान से जुड़ी जानकारी हुई स्पष्ट
शुरुआती सूचना में उज्ज्वला सावरकर को 72 वर्षीय महिला बताया गया था। हालांकि, अब सामने आए पुलिस अपडेट के मुताबिक, 72 वर्षीय महिला वैशाली रुमडे हैं, जबकि उज्ज्वला उनकी बेटी हैं और अमेरिका में रहती हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धमकी भरा ईमेल वास्तव में किसने भेजा और पुराने मोबाइल डेटा का इस्तेमाल किस तरह किया गया। ईमेल में नाम आने मात्र से संबंधित महिलाओं की संलिप्तता की पुष्टि नहीं होती।
साइबर सेल करेगी आगे की जांच
पुलिस अब मीरा-भाईंदर साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले का पता लगाएगी। स्टेशन को मिले धमकी भरे कॉल और ईमेल के बीच संबंध है या नहीं, इसकी भी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है।