अमृतसर से हथियार लाने, मुंबई पहुंचाने और शूटर्स को भगाने में मदद का आरोप; अदालत ने मंजूर की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड
मुंबई/नई दिल्ली | मेट्रो सिटी समाचार : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच में हथियारों की आपूर्ति और हमलावरों की मदद करने वाले कथित नेटवर्क की नई कड़ियां सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 20 अक्टूबर को दो युवकों और दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इनकी भूमिका हथियार जुटाने, उन्हें मुंबई पहुंचाने और वारदात के बाद शूटर्स को शहर से निकालने की कोशिश से जुड़ी थी।
चारों की पहचान कुनाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस की ओर से आरोपियों से हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगने वाली अर्जी स्वीकार की। इसके साथ तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी मंजूर की गई।
इस बीच सलमान खान के घर की रेकी किए जाने का दावा भी सामने आया है। पुलिस सूत्र के हवाले से प्रकाशित इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फायरिंग में कथित रूप से शामिल तीनों हमलावर पहले सलमान खान के घर पहुंचे थे, लेकिन वहां पुलिस की तैनाती देखकर पीछे हट गए। यह जानकारी फिलहाल पुलिस सूत्र पर आधारित है.
कौन हैं गिरफ्तार किए गए चार आरोपी?
पुलिस के हवाले से सामने आए विवरण के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले 21 वर्षीय कुनाल और 19 वर्षीय सुमित शामिल हैं। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के सीतापुर की 23 वर्षीय राधा और आजमगढ़ की 23 वर्षीय बबीता को पकड़ा गया है।
घटनाक्रम के मुताबिक, राधा और बबीता को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जबकि कुनाल और सुमित को सोनीपत से हिरासत में लिया गया। इसलिए इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी कहना सही है; चारों को दिल्ली शहर से ही पकड़े जाने के रूप में प्रस्तुत करना सटीक नहीं होगा।
चारों को अदालत में पेश करने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने आगे की पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी। ट्रांजिट रिमांड मिलने से आरोपियों को संबंधित जांच के लिए मुंबई ले जाने का रास्ता साफ हुआ।
अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस लाने का आरोप
जांच के सामने आए विवरण के अनुसार, कुनाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस का दावा है कि हरसाना गांव के एक परिचित के जरिए उसका संपर्क अनिल पंडित से हुआ। इसके बाद दोनों एक एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से बातचीत करने लगे।
आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुनाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया। इस दौरान सुमित भी उसके साथ था। जांच में दोनों की कथित भूमिका हथियार जुटाने और आगे पहुंचाने की व्यवस्था से जोड़ी जा रही है।
हालांकि, हथियार किस व्यक्ति से लिया गया, भुगतान किसने किया और कथित तौर पर भेजे गए हथियार का घटना में इस्तेमाल होने की पुष्टि किन साक्ष्यों से हुई—इन बिंदुओं पर उपलब्ध विवरण में पूरी स्पष्टता नहीं है।
दो महिलाओं के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कुनाल की राधा से करीब दो महीने पहले मुलाकात हुई थी। आरोप है कि उसने राधा को अपनी गतिविधियों की जानकारी दी और बाद में हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया।
सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर को कुनाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर गया। पिस्तौल कथित तौर पर राधा के बैग में रखी गई थी। यात्रा के दौरान कुनाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा और अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा।
दोनों महिलाओं पर हथियार मुंबई पहुंचाने में भूमिका होने का आरोप है। प्रत्येक आरोपी को कथित योजना की कितनी जानकारी थी और उसने किस स्तर पर भागीदारी की, यह जांच में निर्धारित होना बाकी है।
दादर के होटल के पास नाबालिग को बैग सौंपने का दावा
पुलिस के घटनाक्रम के अनुसार, राधा और बबीता 17 अक्टूबर को दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर गया।
हथियार की कथित आपूर्ति में यह बैग सौंपने का घटनाक्रम अहम कड़ी है। बैग लेने वाले की भूमिका, उसके आगे के संपर्क और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार से इस बैग का संबंध जांच का हिस्सा हैं। संबंधित नाबालिग की पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
18 अक्टूबर की फायरिंग के बाद मदद का संदेश
18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। पुलिस के हवाले से दिए गए विवरण के अनुसार, वारदात के बाद अनिल पंडित ने कुनाल से संपर्क किया और बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं। आरोप है कि उसने कुनाल से उनके निकलने का इंतजाम करने को कहा।
इसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुईं। दोनों को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया।
यहां महत्वपूर्ण अंतर यह है कि उपलब्ध जानकारी शूटर्स को निकालने में मदद मांगे जाने और कथित प्रयास का उल्लेख करती है। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि चारों ने शूटर्स को सफलतापूर्वक मुंबई से बाहर निकाला।
अब जांच के केंद्र में हथियार और संपर्कों का नेटवर्क
इस मामले की जांच गोली चलाने वालों के साथ-साथ हथियार उपलब्ध कराने और कथित निर्देश पहुंचाने वाले लोगों तक पहुंची है। अमृतसर से हथियार लाने, दिल्ली से मुंबई भेजने, दादर में बैग सौंपने और वारदात के बाद मदद मांगने के आरोप एक विस्तृत घटनाक्रम की ओर इशारा करते हैं।
जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस कथित योजना का वित्तपोषण (Funding) किसने किया, अलग-अलग आरोपियों को क्या निर्देश दिए गए और सलमान खान के घर की कथित रेकी का टाइगर श्रॉफ पर हमले से क्या संबंध था।
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड जांच की कार्रवाई है, दोषसिद्धि नहीं। आरोपियों की कथित भूमिका का अंतिम निर्धारण साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। उपलब्ध जानकारी में आरोपियों या उनके वकीलों का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
यह रिपोर्ट उपलब्ध घटनाक्रम और पुलिस के हवाले से प्रकाशित समाचारों पर आधारित है। सलमान खान के घर की रेकी संबंधी जानकारी पुलिस सूत्र के हवाले से सामने आई है। मामले की जांच जारी है।