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कल्याण में मनसे कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी: कोचिंग सेंटर संचालक की सरेआम पिटाई

कल्याण में मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा कोचिंग संचालक सिद्धार्थ सिंह चंदेल पर हमला
मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा सिद्धार्थ सिंह चंदेल पर हमला

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने कल्याण में ‘सिद्धार्थ लॉजिक’ कोचिंग सेंटर के संचालक सिद्धार्थ सिंह चंदेल को सरेआम पीटा।

ठाणे,29 जुलाई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हिंसा की चिंता बढ़ गई है, जब राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने ठाणे जिले के कल्याण में ‘सिद्धार्थ लॉजिक’ कोचिंग सेंटर के संचालक सिद्धार्थ सिंह चंदेल पर सरेआम हमला कर दिया। यह हमला पुराने विवाद को लेकर हुआ माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

📢 घटना का विवरण

घटना के दौरान सिद्धार्थ सिंह चंदेल अपने कोचिंग सेंटर में फोन पर बातचीत कर रहे थे। तभी मनसे कार्यकर्ता अचानक अंदर घुसे और उन पर थप्पड़, स्टील की बोतल और ट्रॉफी जैसी वस्तु से हमला किया। छात्र-छात्राएं डरकर कोने में छुप गईं और कुछ ने मोबाइल से यह घटना रिकॉर्ड की।

🚨 स्थानीय प्रतिक्रिया और पुलिस की कार्रवाई

घटना को लेकर स्थानीय लोग और अभिभावक काफी आक्रोशित हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हमले के पीछे पुराना विवाद सामने आ रहा है, जिसके संबंध में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

📱 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहाँ लोगों ने मनसे और राजनीतिक हिंसा की निंदा की है। कई लोग इस घटना को शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप और हिंसा के रूप में देख रहे हैं, जो छात्रों के भविष्य और मानसिक सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।

✅ प्रूफ और संदर्भ:

  • घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर व्यापक रूप से उपलब्ध है।

  • स्थानीय पुलिस थाने की पुष्टि कि मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है।

  • स्थानीय समाचार एजेंसियों और रिपोर्टों से मिली जानकारी कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • अभिभावकों और नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोप और मांगें।

यह घटना महाराष्ट्र में राजनीतिक हिंसा के बढ़ते प्रकोप को दर्शाती है, खासकर तब जब यह सीधे शिक्षा और छात्रों की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। उम्मीद की जाती है कि प्रशासन शीघ्र उचित कार्रवाई करेगा और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगा।

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