मुंबई | बहुचर्चित एंटीलिया विस्फोटक मामला और मनसुख हिरन हत्याकांड में मुंबई की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे समेत कुल 10 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब नियमित ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
विशेष NIA अदालत ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), हत्या, आपराधिक साजिश, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। आरोप तय होने के बाद अब अभियोजन पक्ष अदालत में अपने साक्ष्य और गवाह पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
घटना के कुछ दिनों बाद इस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक जांच के बाद मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया।
NIA ने क्या दावा किया था?
NIA की जांच में दावा किया गया कि मनसुख हिरन की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। एजेंसी के अनुसार, इस कथित साजिश में तत्कालीन पुलिस अधिकारी सचिन वझे, पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा तथा अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई थी।
जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जिस पर सुनवाई के बाद अब अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं।
अब आगे क्या होगा?
अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब मामले का ट्रायल शुरू होगा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अपने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके बाद बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।