नालासोपारा | वसई-विरार में लगातार हो रही बारिश के बीच बदहाल सड़कें और अधूरे विकास कार्य अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ने लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण 29 जुलाई को नालासोपारा पूर्व के वाकणपाड़ा इलाके में देखने को मिला, जहां एक व्यक्ति खुले और कीचड़ से भरे गहरे नाले में गिर गया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा 29 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सामान्य रूप से पैदल जा रहा था। बारिश के कारण सड़क पर जलभराव और कीचड़ जमा होने से सड़क, गड्ढे और खुले नाले के बीच का अंतर समझ पाना मुश्किल था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह अचानक गहरे खुले नाले में गिर गया। कुछ ही क्षणों में वह पूरी तरह कीचड़ और गंदे पानी में धंस गया।
घटना होते ही आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद उसके शरीर पर नाले का कीचड़ और गंदगी लगी हुई थी। स्थानीय नागरिकों की तत्परता के कारण उसकी जान बच सकी। यदि समय रहते लोग मदद के लिए नहीं पहुंचते, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नालासोपारा स्टेशन से मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए सड़क और नालों की खुदाई की गई है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में पानी और कीचड़ भर जाने से सड़क और खुले नालों के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है, जिससे राहगीरों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।
वाकणपाड़ा और धानीव क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं, पैदल चलने वाले लोग गिर रहे हैं और स्कूली बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय नागरिकों ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका से मांग की है कि पाइपलाइन कार्य जल्द पूरा कर सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही खुले नालों, गहरी खुदाई वाले स्थानों और जलभराव वाले हिस्सों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
29 जुलाई की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर अधूरे विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी का खामियाजा आम नागरिक कब तक भुगतते रहेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई और बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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