नागपुर | मेट्रो सिटी समाचार: महाराष्ट्र में पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य राजमार्गों की तुलना में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। जनवरी 2026 के एक ही महीने में राज्य के दोनों प्रकार के महामार्गों पर कुल 776 लोगों की मौत होने की जानकारी अप्पर पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) कार्यालय ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दी है।
केंद्र और राज्य सरकारें हर साल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई उपाय करने का दावा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद हादसों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
राज्य राजमार्गों पर दुर्घटनाएं
महाराष्ट्र के राज्य राजमार्गों पर वर्ष 2024 में 5,814 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 3,169 लोगों की मौत हुई थी।
वहीं 2025 में 5,648 दुर्घटनाओं में 3,090 लोगों की जान गई।
जबकि जनवरी 2026 में ही 525 दुर्घटनाओं में 284 लोगों की मौत हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर ज्यादा हादसे
राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का आंकड़ा और भी चिंताजनक है।
वर्ष 2024 में 11,285 दुर्घटनाओं में 5,812 लोगों की मौत हुई।
वहीं 2025 में 11,241 दुर्घटनाओं में 5,794 लोगों की जान गई।
इसके अलावा जनवरी 2026 के एक ही महीने में 978 दुर्घटनाओं में 492 लोगों की मौत हो गई।
यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता अभय कोलारकर को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त हुई है।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की तुलना
आंकड़ों की तुलना से स्पष्ट होता है कि राज्य राजमार्गों की तुलना में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या लगभग दोगुनी है, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
समृद्धि महामार्ग पर भी बड़ी संख्या में मौतें
नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर 11 दिसंबर 2022 से 31 जनवरी 2026 के बीच 491 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 444 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा भी सूचना के अधिकार के तहत सामने आया है।
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