मुंबई, 1 अक्टूबर: महाराष्ट्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महाराष्ट्र इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान बड़े पैमाने पर निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में कुल 67 समझौता ज्ञापनों यानी MoUs पर हस्ताक्षर हुए, जिनके तहत राज्य में करीब ₹8 लाख 57 हजार 452 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
सरकार के मुताबिक, इन निवेश परियोजनाओं से महाराष्ट्र में लगभग 2 लाख 91 हजार 109 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
डेटा सेंटर, IT और सेमीकंडक्टर में सबसे बड़ा निवेश
निवेश के लिहाज से डेटा सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर सेक्टर सबसे आगे रहे हैं। इन क्षेत्रों में कुल ₹4 लाख 15 हजार 490 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
वहीं एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के साथ-साथ एनर्जी और क्लीनटेक सेक्टर में भी 10-10 समझौते किए गए हैं।
ऊर्जा और क्लीनटेक में ₹1.02 लाख करोड़ से अधिक निवेश
एनर्जी, क्लीनटेक, रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस से जुड़े क्षेत्रों में करीब ₹1 लाख 2 हजार 519 करोड़ के निवेश समझौते हुए हैं।
स्पेस और डिफेंस सेक्टर में ₹27 हजार 930 करोड़, जबकि मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में लगभग ₹75 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर सहमति बनी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश
समिट के दौरान अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में करीब ₹12 हजार 651 करोड़, हेल्थकेयर में ₹6 हजार 500 करोड़, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और कंस्ट्रक्शन मटेरियल सेक्टर में ₹18 हजार 751 करोड़, जबकि स्टील उत्पादन के क्षेत्र में करीब ₹7 हजार करोड़ के निवेश समझौते किए गए हैं।
केमिकल, कृषि, सर्विसेज और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी GCCs में करीब ₹8 हजार 801 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
इसके अलावा विभिन्न अन्य क्षेत्रों में करीब ₹1 लाख 82 हजार 810 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दर्ज किए गए हैं।
सरकार का फोकस आधुनिक उद्योग और रोजगार पर
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इन निवेश समझौतों से राज्य में औद्योगिक विस्तार, आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों के विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है।
खास तौर पर डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश महाराष्ट्र की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।