मीरा-भायंदर: महापालिका में कामकाज की रिकॉर्डिंग को लेकर चल रही बहस के बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पत्रकारों और कैमरों की मौजूदगी में विकासकामों की समीक्षा की। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को आयुक्त राधाबिनोद शर्मा के कक्ष में हुई बैठक में शहर से जुड़े करीब 20 विषयों पर चर्चा की जानकारी सामने आई है।

अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाया

रुके कामों को आगे बढ़ाने के लिए महापालिका, पुलिस, राजस्व विभाग, महामार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया था। महापालिका की आधिकारिक दस्तावेज सूची में भी 30 अक्टूबर की समीक्षा बैठक का 29 अक्टूबर को जारी परिपत्र दर्ज है।

31 अक्टूबर को सामने आई बैठक की रिपोर्ट के अनुसार पत्रकारों को उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया गया और कार्यवाही के चित्रीकरण की अनुमति रखी गई। सरनाईक ने सार्वजनिक हित के फैसलों में छिपाने जैसी बात नहीं होने का तर्क देते हुए पारदर्शिता का संदेश बताया।

महासभा विवाद की पृष्ठभूमि

इससे पहले 16 अक्टूबर की महासभा में वीडियो बनाने को लेकर विवाद और पत्रकारों व नागरिकों से कथित मारपीट का मामला सामने आया था। उसी पृष्ठभूमि में इस समीक्षा बैठक में कैमरों की मौजूदगी महत्वपूर्ण है। पुराने विवाद पर कार्रवाई की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन की खबर अलग से उपलब्ध है।

उस मामले के आरोपों और जांच को इस बैठक के आयोजन से तय हुआ निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। समीक्षा बैठक और पुलिस की कार्रवाई दो अलग प्रक्रियाएं हैं।

चर्चा को अंतिम मंजूरी न समझें

उपलब्ध जानकारी बैठक और चर्चा की पुष्टि करती है। इससे सभी 20 विषयों पर अंतिम मंजूरी, बजट जारी होने या निर्माण शुरू होने का दावा नहीं निकलता। हर काम के लिए अलग आदेश, संबंधित विभाग का निर्णय और आगे की समयसीमा महत्वपूर्ण होगी। नागरिकों को अपने इलाके के प्रोजेक्ट की स्थिति देखते समय चर्चा, मंजूरी और मौके पर काम शुरू होने में यह फर्क रखना होगा।