मीरा-भायंदर: मीरा रोड में भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृति में बन रहे संगीत विद्यालय की इमारत के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसे महापौर आवास में बदलने के पक्ष में महापालिका की महासभा में प्रस्ताव पारित होने की जानकारी सामने आई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसका विरोध किया है, जबकि उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील ने मौजूदा आवास में जगह की कमी का तर्क दिया है।
संगीत सीखने के लिए प्रस्तावित था गुरुकुल
यह संगीत गुरुकुल मीरा रोड के क्वीन्स पार्क इलाके में सेवन इलेवन स्कूल के पास महापालिका के खेल मैदान की जगह पर प्रस्तावित था। परियोजना के प्रकाशित विवरण में इसकी अनुमानित लागत लगभग 25 करोड़ रुपये और निर्माण करीब 70 प्रतिशत पूरा बताया गया है। ये परियोजना से जुड़े बताए गए आंकड़े हैं, अंतिम खर्च या स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट का निष्कर्ष नहीं।
इस योजना के लिए जून 2022 में शुरुआती पांच करोड़ रुपये मंजूर होने और 2023 में भूमिपूजन होने की पृष्ठभूमि है। उद्देश्य लता मंगेशकर के नाम पर संगीत की शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुविधा तैयार करना था। अब भवन के उपयोग में बदलाव से उसी उद्देश्य के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
सरनाईक का विरोध और उपमहापौर का पक्ष
सरनाईक ने संगीत विद्यालय की जगह महापौर निवास बनाने का विरोध करते हुए इसे संगीत और कला प्रेमियों की भावनाओं से जुड़ा विषय बताया है। उनका कहना है कि इस बदलाव से मंगेशकर परिवार और संगीत प्रेमियों की भावनाएं आहत होंगी। यह मंत्री का विरोध और राजनीतिक पक्ष है।
दूसरी ओर उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील ने निर्णय का बचाव किया है। उनके मुताबिक, मौजूदा महापौर निवास में पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए प्रस्तावित भवन को महापौर भवन के रूप में इस्तेमाल करने की जरूरत है।
अगले फैसलों पर रहेगी नजर
विवाद का केंद्र सार्वजनिक उपयोग के लिए बन रहे भवन की भूमिका है। संगीत विद्यालय के लिए आगे क्या व्यवस्था होगी और भवन में प्रस्तावित बदलाव किस रूप में लागू होगा, यह संबंधित प्रशासनिक फैसलों से स्पष्ट होना है। अभी इसे तैयार महापौर आवास के उद्घाटन या संगीत कक्षाएं बंद होने की घटना के रूप में नहीं बताया जा सकता।




