मुंबई: मध्य रेलवे की उपनगरीय सेवाओं में सोमवार को हुई गड़बड़ी के दौरान ठाणे स्टेशन पर ‘स्टाफ स्पेशल’ लोकल के दरवाजे बंद रखने का मामला अब जांच तक पहुंच गया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे आम यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया गया। रेलवे प्रशासन संबंधित कर्मचारियों की पहचान कर रहा है।
क्या हुआ था ठाणे स्टेशन पर
घटना 26 अक्टूबर की शाम की है। उस दिन सिग्नल और ओवरहेड बिजली उपकरणों की खराबी से लोकल यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा था। इसी बीच CSMT से कल्याण की ओर जा रही कर्मचारी विशेष लोकल ठाणे पहुंची। उपलब्ध वीडियो संबंधी रिपोर्टों में यात्री दरवाजे खोलने के लिए कहते दिखाई दिए, जबकि दरवाजे भीतर से बंद रखे जाने का आरोप लगा।
रेलवे का जवाब और अगला कदम
मध्य रेलवे ने घटना का संज्ञान लेकर जांच शुरू की है। प्रशासन की ओर से नियमों के अनुसार कार्रवाई की बात कही गई है। जांच का अंतिम निष्कर्ष या किसी कर्मचारी पर पूरी हो चुकी कार्रवाई की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
रेलवे इस विशेष सेवा को आम यात्रियों के इस्तेमाल के लिए खोलने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। कुछ रिपोर्टों में उसके संचालन की मौजूदा व्यवस्था बदलने का विकल्प बताया गया है। इसे अभी लागू सुविधा नहीं समझना चाहिए; सामान्य यात्रियों को प्रवेश मिलने के लिए रेलवे की स्पष्ट घोषणा जरूरी होगी।
यात्रियों के लिए क्या बदला है
फिलहाल सामने आया नया कदम जांच और समीक्षा है। इससे किसी ट्रेन का समय, ठहराव या उसमें सफर का अधिकार अपने आप नहीं बदलता। यात्रियों को स्टेशन की अधिकृत घोषणा के अनुसार ही ट्रेन चुननी चाहिए। पुराने वीडियो के साथ नए समय या बदली सेवा का अपुष्ट दावा साझा करने से भ्रम बढ़ सकता है।
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