सिंधुदुर्ग: चिपी एयरपोर्ट और नवी मुंबई के बीच हवाई सेवा को आर्थिक आधार देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 100 प्रतिशत व्यवहार्यता तफावत निधि यानी VGF की मंजूरी दी है। यह फैसला दोनों दिशाओं—चिपी से नवी मुंबई और नवी मुंबई से चिपी—की सेवा के लिए है।
नवी मुंबई का विकल्प क्यों सामने आया
पहले चिपी से मुंबई के लिए सेवा का रास्ता बनाने की कोशिश थी। उपलब्ध रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई एयरपोर्ट पर जरूरी समय का तय स्लॉट नहीं मिल पाने से दिक्कत आई। इसी पृष्ठभूमि में नवी मुंबई के जरिए संपर्क का विकल्प सामने आया है। राज्य मंत्रिमंडल ने 27 अक्टूबर की बैठक में आर्थिक समर्थन का निर्णय किया।
100 प्रतिशत VGF का क्या मतलब
व्यवहार्यता तफावत निधि का संबंध सेवा चलाने के लिए स्वीकृत आर्थिक सहायता से है। इसे यात्रियों के टिकट का पूरा पैसा सरकार चुकाएगी या टिकट मुफ्त होगा, ऐसा नहीं समझना चाहिए। निर्णय विमान कंपनियों को सहायता देने का है। सामान्य टिकट का किराया अलग विषय है।
28 अक्टूबर की उपलब्ध रिपोर्ट में प्रत्येक सीट के लिए ₹6,200 VGF की मंजूरी का उल्लेख है। यह सहायता संबंधी आंकड़ा है, यात्री किराए की घोषणा नहीं। इससे टिकट की वास्तविक कीमत का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
कोंकण के यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण
सिंधुदुर्ग और MMR के बीच सीधे हवाई संपर्क की उपलब्धता वहां आने-जाने वालों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प दे सकती है। लेकिन इसका वास्तविक उपयोग उड़ानों की नियमितता, समय और टिकट उपलब्धता पर निर्भर रहेगा। आर्थिक मंजूरी मिलना और वाणिज्यिक उड़ान शुरू होना अलग चरण हैं।
अभी कौन सी जानकारी बाकी
इस निर्णय के उपलब्ध विवरण में पहली उड़ान की पक्की तारीख, नियमित साप्ताहिक समय-सारिणी और टिकट किराया स्पष्ट नहीं है। बुकिंग खोलने की घोषणा भी इस खबर में नहीं की जा रही है। यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित एयरलाइन की अधिकृत समय-सारिणी और एयरपोर्ट का स्पष्ट अपडेट देखें।




