मुंबई: बच्चे का स्कूल बंद हो जाए तो उसकी पढ़ाई कहां जारी रहेगी? मुंबई में अनधिकृत स्कूलों पर कार्रवाई के बीच अभिभावकों के लिए यही सबसे जरूरी सवाल है। 29 अक्टूबर को सामने आए शिक्षा विभाग के विवरण में 164 स्कूलों को बंद करने के नोटिस और अब तक नौ स्कूल बंद होने की जानकारी है।

कार्रवाई के साथ अदालत में भी मामला

77 स्कूल व्यवस्थापनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 70 ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एक मामले में अंतरिम राहत मिली है; इससे सभी स्कूलों को एक साथ राहत मिलने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

1,240 बच्चों को वैकल्पिक प्रवेश

विभाग के मुताबिक 690 विद्यार्थियों को नगरपालिका और 550 को मान्यताप्राप्त निजी स्कूलों में प्रवेश दिया गया है। गोवंडी के शिवाजीनगर स्थित नवीन इमारत स्कूल संकुल-4 में प्रवेश केंद्र की व्यवस्था भी बताई गई है। उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई जारी रखना है।

इस कार्रवाई में स्कूल भवनों की सुरक्षा का सवाल भी शामिल है। संबंधित विभागों को संरचनात्मक जांच के लिए पत्र भेजा गया था। अब आगे की कार्रवाई और बाकी विद्यार्थियों की व्यवस्था अहम होगी।

अभिभावकों के लिए क्या जरूरी है?

किसी स्कूल का नाम सोशल मीडिया पर देखकर तुरंत निष्कर्ष निकालने के बजाय उसकी मान्यता की जानकारी लिखित रूप में मांगना बेहतर है। स्कूल बदलने की स्थिति में अगली कक्षा, जरूरी दस्तावेज और प्रवेश की प्रक्रिया स्पष्ट कर लेना उपयोगी होगा। इससे बच्चे की पढ़ाई में अनावश्यक अंतराल से बचा जा सकता है।

कार्रवाई का आंकड़ा अपनी जगह है, लेकिन परिवार के लिए असली चिंता बच्चे की रोजमर्रा की पढ़ाई है। नए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता, समय और पढ़ाई का माध्यम जैसे सवाल भी मायने रखते हैं। इसलिए वैकल्पिक प्रवेश की जानकारी अभिभावकों तक स्पष्ट रूप से पहुंचना जरूरी है।

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