ठाणे: पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना की ठाणे जिला महिला प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले से उनका नाम जोड़े जाने और जांच के बीच उन्होंने पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे को पत्र भेजा। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी और नेतृत्व की प्रतिष्ठा बचाने के लिए पद छोड़ रही हैं।

सरनाईक की टिप्पणी के अगले दिन फैसला

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को निजी मत बताते हुए कहा था कि जांच पूरी होने तक मीनाक्षी शिंदे को पार्टी पद से अलग हो जाना चाहिए। उसके अगले दिन इस्तीफा सामने आया। नया घटनाक्रम पार्टी के महिला संगठन के पद से जुड़ा है; इसे नगरसेवक पद से इस्तीफा नहीं बताया गया है।

पत्र में क्या पक्ष रखा

मीनाक्षी शिंदे ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग उनके खिलाफ आरोप लगाकर एकनाथ शिंदे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस मामले से उनका संबंध नहीं है, उससे नाम जोड़े जाने से उन्हें दुख पहुंचा है। यह उनका पक्ष है; जांच का निष्कर्ष नहीं।

SIT की जांच और विरोधी पक्ष की मांग

SIT ने मंगलवार को उनसे पूछताछ की थी। उनके पति राजेंद्र शिंदे ने भी आरोप नकारे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हत्या की जांच में पांच संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने मामले में सामने आए नामों और साक्ष्यों की जांच करने की बात कही है।

दूसरी ओर, शिवसेना UBT और पूर्णेकर के परिवार ने मीनाक्षी तथा राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग दोहराई है। ऐसी मांग अपने आप में किसी की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।

राजनीतिक फैसला और आपराधिक जांच अलग

प्रदीप पूर्णेकर की 29 सितंबर को उनके कार्यालय में हत्या हुई थी। पार्टी पद से इस्तीफे के बाद भी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। इस्तीफे को अपराध स्वीकार करना या दोष सिद्ध होना नहीं माना जाना चाहिए।

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