नालासोपारा, 29 अक्टूबर: जिला परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब डिजिटल बोर्ड के जरिए पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के 41 जिला परिषद स्कूलों में विधायक निधि से डिजिटल क्लासरूम तैयार किए गए हैं। भाजपा विधायक राजन नाईक ने गुरुवार को इस पहल का उद्घाटन किया। उपकरणों की देखभाल के लिए भी तीन साल की व्यवस्था की गई है, ताकि तकनीकी समस्या आने पर स्कूलों को सहायता मिल सके।
41 स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई की सुविधा
इस पहल के लिए विधानसभा क्षेत्र के 41 जिला परिषद स्कूल चुने गए हैं। इनमें डिजिटल बोर्ड और अन्य शिक्षण सामग्री की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, उद्देश्य बच्चों को स्कूली उम्र से ही डिजिटल तकनीक से परिचित कराना और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए आधुनिक साधन उपलब्ध कराना है।
राजन नाईक ने कहा कि इन सुविधाओं का लाभ जिला परिषद स्कूलों में पढ़ने वाले सामान्य परिवारों के बच्चों तक पहुंचना चाहिए। डिजिटल माध्यमों से शिक्षक विषयों को अधिक प्रभावी तरीके से समझा सकें, इसी सोच के साथ कक्षाएं तैयार की गई हैं।
तीन साल तक उपकरणों की देखभाल
डिजिटल बोर्ड लगने के बाद उनकी देखभाल और तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी पुणे की सुपरमाइंड संस्था को तीन वर्ष के लिए सौंपी गई है। इसकी व्यवस्था भी विधायक निधि के माध्यम से की गई है।
भाजपा महामंत्री मनोज बारोट ने केंद्र प्रमुखों, मुख्याध्यापिकाओं और शिक्षकों को बताया कि बोर्ड या अन्य सामग्री के इस्तेमाल में तकनीकी परेशानी आने पर संस्था से मार्गदर्शन लिया जा सकेगा। इससे स्कूलों को उपकरण चलाने में सहायता उपलब्ध होगी।
स्कूलों को महापालिका में शामिल करने के प्रयास
विधायक राजन नाईक ने कहा कि इन जिला परिषद स्कूलों को महापालिका में शामिल कराने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि तब तक विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए काम जारी रहेगा।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में स्कूलों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की जरूरत पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने ई-विद्या, वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब और डिजिटल यूनिवर्सिटी जैसे केंद्र सरकार के उपक्रमों का भी उल्लेख किया।
शिक्षकों ने डिजिटल शिक्षा की जरूरत बताई
नेहरू विद्यालय की शिक्षिका रुचिता सूर्यवंशी ने कार्यक्रम में कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए डिजिटल माध्यम आज की जरूरत हैं। इस पहल से बच्चों और शिक्षकों को आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन के दौरान मनोज बारोट, जिला नियोजन विभाग के अजय दलवी, सुपरमाइंड संस्था की संचालिका अश्विनी भालेकर, समीर सालुंखे, प्रकल्प प्रमुख शांतनु पवार, आशीष पाटिल सहित केंद्र प्रमुख, मुख्याध्यापिकाएं और शिक्षक उपस्थित रहे।




