पालघर: जिले में डेंगू के मामलों को देखते हुए घर और आसपास जमा पानी पर ध्यान देने की जरूरत है। 29 अक्टूबर को सामने आई स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में 2026 के दौरान 662 दर्ज मामलों का उल्लेख है। यह पूरे उपलब्ध सालाना रिकॉर्ड का जोड़ है, एक दिन में मिले मरीजों की संख्या नहीं।

आंकड़ों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र

रिपोर्ट में सितंबर अंत तक ग्रामीण क्षेत्र के 252 और वसई-विरार समेत शहरी क्षेत्र के 347 मामलों का उल्लेख है। 26 अक्टूबर तक अगली जांच अवधि में 63 और मामले मिले। इनका जोड़ 662 है। यह सभी निजी जांच केंद्रों समेत हर संक्रमण की पूरी गिनती नहीं है।

प्रशासन की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने घरों का सर्वे, बुखार की जांच और पानी जमा होने वाली जगहों की सफाई की है। विभाग के हवाले से डेंगू से किसी मृत्यु की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।

घर पर बचाव के आसान तरीके

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में भी सक्रिय रहते हैं। पानी रखने के बर्तन ढकें और उन्हें हर सप्ताह खाली करके साफ करें। कूलर, गमलों की प्लेट, पुराने टायर और आसपास की ऐसी चीजों में पानी जमा न रहने दें। शरीर ढकने वाले कपड़े, खिड़कियों की जाली और निर्देशों के अनुसार मच्छर से बचाव के साधन इस्तेमाल करें।

इन लक्षणों में देर न करें

तेज बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, उल्टी या चकत्ते होने पर डॉक्टर से जांच कराएं। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, खून आना या सांस तेज चलना जैसे संकेतों में तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बुखार कम होने के बाद भी गंभीर संकेतों पर नजर रखें।

डेंगू की आशंका में अपनी मर्जी से एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन न लें; उनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। जांच और दवा का फैसला डॉक्टर की सलाह से करें। समय पर पहचान और सही देखभाल जरूरी है।