लखनऊ: विधान परिषद चुनाव में लखनऊ की दो सीटें अलग-अलग दलों को मिली हैं। स्नातक सीट समाजवादी पार्टी की कांति सिंह ने जीती, जबकि शिक्षक सीट भाजपा के उमेश द्विवेदी ने बरकरार रखी। शिक्षक और स्नातक मतदाता वर्गों के इन मुकाबलों में शुरुआती बढ़त के बाद तस्वीर साफ हुई।

स्नातक सीट पर कांति सिंह की वापसी

कांति सिंह को 56,905 और भाजपा के अवनीश कुमार सिंह को 39,778 वोट मिले। इन मतों के हिसाब से अंतर 17,127 है। कांति सिंह 2014 में यह सीट जीती थीं और 2020 में हार गई थीं। इस बार उन्होंने भाजपा से सीट वापस ली है।

शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी की जीत

भाजपा उम्मीदवार उमेश द्विवेदी ने सपा के सुशील कुमार को हराया। उपलब्ध मत संख्या में द्विवेदी को 13,179 और सुशील कुमार को 8,371 वोट मिले। इन आंकड़ों का अंतर 4,808 है। उन्होंने लखनऊ शिक्षक सीट पर लगातार तीसरी जीत दर्ज की है।

दो अलग मतदाता वर्गों के परिणाम

इन दो नतीजों में भाजपा ने शिक्षक सीट पर पकड़ बनाए रखी, जबकि सपा स्नातक सीट वापस लेने में सफल रही। पूरे उत्तर प्रदेश के सीट-जोड़ से अलग, लखनऊ में दोनों दलों को एक-एक सफलता मिली है।

शिक्षक और स्नातक वर्ग की इन सीटों के लिए मतपत्रों से मतदान हुआ था। गिनती में वरीयता वाले मतों की प्रक्रिया भी शामिल रही। शुरुआती बढ़त से अलग, अंतिम मुकाबले के नतीजे पढ़ना जरूरी है।