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वसई-विरार में निमंत्रण पत्रिका से शुरू हुआ विवाद, भाजपा का आयुक्त घेराव ऐलान; विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने भी जताई नाराज़गी

स्नेहा दुबे पंडित ने वसई विरार महानगरपालिका के निमंत्रण पत्र में नाम न होने पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने वसई-विरार महानगरपालिका के लोकार्पण निमंत्रण पत्र में नाम न होने पर आयुक्त से शिकायत की

वसई-विरार में निमंत्रण पत्रिका से शुरू हुआ विवाद, भाजपा-मनपा आमने-सामने, घेराव ऐलान, VVMC ने दी सफाई – निमंत्रण पत्रिका अधिकृत नहीं

प्रभाग समिति ‘ए’ कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर सियासत गरम, भाजपा-मनपा आमने-सामने

विरार | प्रतिनिधि

वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) के प्रभाग समिति ‘ए’ के नए कार्यालय के लोकार्पण समारोह से पहले ही एक निमंत्रण पत्रिका को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर भाजपा ने इसे राज्य प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन बताते हुए आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं महानगरपालिका प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा है कि विवादित निमंत्रण पत्रिका महापालिका द्वारा अधिकृत नहीं है।

इस बीच वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने भी मामले में आयुक्त को पत्र लिखकर नाराज़गी जताई है। वहीं भाजपा ने अब इस मुद्दे पर महापालिका आयुक्त के घेराव का ऐलान कर दिया है।


निमंत्रण पत्रिका से शुरू हुआ पूरा विवाद

दरअसल, शुक्रवार 13 मार्च 2026 को वसई-विरार महानगरपालिका के प्रभाग समिति ‘ए’ के नए कार्यालय के लोकार्पण समारोह और वंदनसर स्थित ट्रॉमा सेंटर की विस्तारित इमारत के भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है।

कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर एक निमंत्रण पत्रिका सामने आई, जिसमें कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों के नाम छपे हुए थे।

इसी निमंत्रण पत्रिका को लेकर विवाद शुरू हुआ, क्योंकि इसमें कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं थे।


भाजपा नेता मनोज बारोट ने उठाया विरोध

निमंत्रण पत्रिका सामने आने के बाद भाजपा वसई-विरार जिला महामंत्री मनोज बारोट ने इसका कड़ा विरोध किया।

बारोट का आरोप है कि निमंत्रण पत्रिका में सरकारी प्रोटोकॉल और राजशिष्टाचार का उल्लंघन किया गया है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के 20 नवंबर 2025 के शासन परिपत्र के अनुसार जब विधानसभा और संसद का सत्र चल रहा हो, तब इस प्रकार के सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित कर दिया।

इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि निमंत्रण पत्रिका में

  • सांसद डॉ. हेमंत सवरा

  • वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित

  • बोईसर के विधायक विलास तरे

  • और पालकमंत्री

के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।

बारोट ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में सभी जनप्रतिनिधियों के नाम राजशिष्टाचार के अनुसार शामिल करना आवश्यक होता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि निमंत्रण पत्रिका में बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) के नेताओं के नाम प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि यह कार्यक्रम महापालिका का है या किसी राजनीतिक दल का।


VVMC ने दी सफाई – निमंत्रण पत्रिका अधिकृत नहीं

विवाद बढ़ने के बाद वसई-विरार महानगरपालिका प्रशासन ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया।

महापालिका ने कहा कि जिस निमंत्रण पत्रिका को लेकर विवाद हो रहा है, वह महानगरपालिका द्वारा न तो छपवाई गई है और न ही आधिकारिक रूप से वितरित की गई है।

महापालिका के अनुसार आयुक्त कार्यालय को जानकारी मिली थी कि प्रभाग समिति ‘ए’ के नए कार्यालय के लोकार्पण और ट्रॉमा सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए निमंत्रण पत्रिका छपने और बांटे जाने की चर्चा चल रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सामने आई निमंत्रण पत्रिका महापालिका द्वारा अधिकृत नहीं है और यदि किसी को यह पत्रिका प्राप्त हुई है तो उसे आधिकारिक निमंत्रण नहीं माना जाए।

महापालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी (भा.प्र.से.) ने कहा कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने भी जताई नाराज़गी

विवाद के बीच वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने भी महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर कड़ी नाराज़गी जताई है।

अपने पत्र में उन्होंने कहा कि 13 मार्च को होने वाले लोकार्पण समारोह की निमंत्रण पत्रिका में स्थानीय विधायक होने के बावजूद उनका नाम शामिल नहीं किया गया, जो राज्य प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों का अपमान है।

विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की तत्काल विस्तृत जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

साथ ही उन्होंने अपने पत्र की प्रतिलिपि

  • नगर विकास विभाग, महाराष्ट्र शासन

  • कोकण विभागीय आयुक्त

को भी भेजी है।


भाजपा ने कहा – हमारे पास सबूत हैं

महानगरपालिका की सफाई के बाद भाजपा ने अपने आरोपों को और तेज कर दिया है।

भाजपा जिला महामंत्री मनोज बारोट का कहना है कि निमंत्रण पत्रिका से जुड़े पूरे मामले के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं और प्रशासन जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल निमंत्रण पत्रिका का नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और राज्य प्रोटोकॉल से जुड़ा हुआ है।


भाजपा का ऐलान – आयुक्त का होगा घेराव

विवाद के बीच भाजपा ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

मनोज बारोट ने घोषणा की है कि शुक्रवार 13 मार्च को सुबह 10:30 बजे भाजपा कार्यकर्ता वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय पहुंचकर आयुक्त का घेराव करेंगे।

भाजपा का कहना है कि निमंत्रण पत्रिका से स्थानीय सांसद और विधायकों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं, जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।


अब सबकी नजर 13 मार्च पर

लोकार्पण कार्यक्रम से पहले ही निमंत्रण पत्रिका विवाद ने वसई-विरार की स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है।

भाजपा के विरोध, महानगरपालिका की सफाई और विधायक की शिकायत के बाद अब सबकी नजर 13 मार्च को होने वाले कार्यक्रम और भाजपा के प्रस्तावित घेराव पर टिकी हुई है।

प्रोटोकॉल भंग पर भाजपा का हमला: सांसद-विधायकों के नाम हटाने पर आयुक्त को निलंबित करने की मांग

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