ठाणे जिले के ठाकुर्ली में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते ने झारखंड में वांछित 45 वर्षीय संजय यादव को पकड़ा है। उसके बारे में जानकारी देने पर झारखंड पुलिस ने ₹10 लाख का इनाम घोषित किया था। 7 नवंबर को हुई कार्रवाई के बाद उसे झारखंड पुलिस के हवाले किया गया, जिसने आगे की जांच के लिए ट्रांजिट रिमांड पर उसकी हिरासत ली है।
पुलिस का आरोप है कि यादव का संबंध प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की जोनल कमेटी से है। वह झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के देवगन गांव का रहने वाला बताया गया है। संगठन में उसकी भूमिका और दर्ज मामलों के आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया बाकी है।
सूचना की पड़ताल के बाद पहुंची ATS
ATS के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों को वांछित व्यक्ति के ठाकुर्ली में छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। संबंधित इकाई ने जानकारी की जांच की और उसके बाद कार्रवाई की। पकड़े जाने के बाद उसे ठाणे की ATS इकाई ले जाया गया और झारखंड पुलिस को सौंपा गया।
पुलिस के विवरण के अनुसार, आरोपी हत्या, जबरन वसूली और पुलिस पर गोलीबारी जैसे आरोपों से जुड़े सात मामलों में वांछित था। इन मामलों में आरोपों का परीक्षण संबंधित जांच और अदालत की प्रक्रिया में होना है।
ठाणे में काम करके रहने की जानकारी
जांच अधिकारियों के अनुसार, ठाणे आने के बाद यादव ने सामान चढ़ाने-उतारने जैसे काम किए। बाद में वह डोंबिवली क्षेत्र में एक बंगले पर पांच से छह गायों की देखभाल का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि काम देने वाले को उसके पुराने मामलों की जानकारी नहीं थी।
यह विवरण आरोपी के यहां रहने के तरीके को समझने के लिए जांच का हिस्सा है। किसी स्थानीय व्यक्ति की अपराध में मदद या साजिश में भूमिका की पुष्टि इस जानकारी से अपने-आप नहीं होती।
अब झारखंड में दर्ज मामलों की जांच
ट्रांजिट रिमांड के जरिए आरोपी को उस राज्य की जांच एजेंसी के समक्ष ले जाने की प्रक्रिया अपनाई गई है, जहां वह वांछित था। आगे की कार्रवाई झारखंड में दर्ज मामलों और उनमें जुटाए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। ठाकुर्ली में पकड़े जाने को किसी स्थानीय हमले की साजिश का खुलासा बताने वाली पुष्टि उपलब्ध नहीं है।




